--Advertisement--

सौ साल बाद होली पर सर्वार्थ सिद्धि-गजकेसरी योग

होली पर इस बार विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार होली पर सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ गजकेसरी योग का...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:40 AM IST
होली पर इस बार विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार होली पर सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ गजकेसरी योग का महासंयोग बन रहा है। यह संयोग कई राशि के जातकों के लिए खास रहेगा। मिश्र के अनुसार महीने के सभी दिनों में विभिन्न राशियां अपना गृह परिवर्तन करती हैं। इस कारण ही 2 मार्च को इस बार होली में बेहद खास महासंयोग बन रहा है। यह संयोग करीब सौ वर्षों बाद आया है, जिसमें सुख-समृद्धि के लिए भगवान विष्णु की आराधना को श्रेयस्कर माना जा रहा है। मंदिरों में इस दिन भिखारियों को खीर-पूडी खिलाने से उन्नति के द्वार खुलेंगे।

संयोग

शहर में आज शताधिक स्थानों पर होगा होलिका दहन, शुक्रवार को सुबह से खेलेंगे रंग

भगवान शिव करेंगे मनोकामना पूर्ण

पंडित विजय काशिव ने बताया कि होली के दिन कुछ समय भगवान शिव की पूजा में अर्पित करें। भोलेनाथ को भांग, गुड, बेलपत्र और दूध चढ़ाएं। सौ वर्ष बाद यह मुहूर्त आया है जिसका लाभ उठाएं। 2 मार्च को सुबह 7 बजे से 9.30 बजे के बीच जलाभिषेक करें और इसके बाद तत्काल अबीर, रोली व पकवान भी चढ़ाएं, जिससे अशांत गृह शांत हो जाएं। इससे महादेव की कृपा से रुका हुआ काम पूरा होगा। शाम 7.05 बजे तक भद्रा रहेगी। इसके बाद होलिका दहन शुभ रहेगा।

7.15 के बाद जलेगी होली

पं. श्याम सुंदर जोशी के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के दिन संध्याकाल में भद्रा रोष रहित समय में होलिका दहन किया जाता है। होली जलाने से पूर्व उसकी विधि-विधान से पूजा की जाती है। अग्नि एवं भगवान विष्णु के निमित्त आहुतियां दी जाती हैं। एक मार्च की सुबह 8.05 बजे तक चतुर्दशी तिथि रहेगी इसके बाद शाम 7.15 बजे तक भद्रा रहेगा। इसलिए उस दिन भद्रा समाप्त होने पर होलिका दहन होगा। दो तारीख की सुबह होली खेली जाएगी। पं. जोशी के अनुसार पूर्णिमा तिथि के बीच गुरुवार को होलिका दहन हो रहा है। जिससे सिद्धि योग बन रहा है।

राख स्नान से मिलेगी रोगों से मुक्ति

होली के दिन गेहूं की बाली भी होलिका दहन में भूने, इसके उपरांत भुनी हुई बाली सबको वितरित करें। इसका महत्वपूर्ण कारण यह है कि गेहूं की फसल का प्रथम भोग भगवान को अर्पित हो। पंडित काशिव ने बताया कि होलिका की राख ठंडा होने पर उसे ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम: का जाप करते हुए शरीर के अंगों पर लगाएं इससे चर्म रोग दूर हो जाएंगे। मेष, वृष, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, धनु, कुंभ राशि के लिए यह होली लाभदायक रहेगी।