• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Harda News
  • ‌Rs. 20 हजार हर माह घाटा, फिर भी सालभर से नपा चला रही दीनदयाल रसोई
--Advertisement--

‌Rs. 20 हजार हर माह घाटा, फिर भी सालभर से नपा चला रही दीनदयाल रसोई

बीते साल शुरू हुई दीनदयाल रसोई 20 हजार रुपए मासिक घाटे में चल रही है। फिर भी समाजसेवियों व अन्य लोगों के सहयोग से इसे...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:20 AM IST
बीते साल शुरू हुई दीनदयाल रसोई 20 हजार रुपए मासिक घाटे में चल रही है। फिर भी समाजसेवियों व अन्य लोगों के सहयोग से इसे बेहतर ढंग से चलाया जा रहा है। नपाकर्मी व पार्षद बारी-बारी से भोजन परोसने जाते हैं। नपा अब सेवाभावी लोगों से संपर्क, सहयोग, समन्वय बढ़ाकर इस व्यवस्था को आगे चला सकती है। 3 महिलाएं, 4 पुरुष यहां काम करते हैं। एक साल में 61363 लोगों ने यहां भोजन किया। औसतन रोज यहां 160-200 लोग भोजन करते हैं।

हरदा। रसोई में भोजन करते हुए लोग।

ऐसे बनाई व्यवस्था

गेहूं, चावल, नमक राशन दुकान से मिलता है। तेल, मसाले आदि के लिए नपा व व्यवस्था चलाने वाली समिति लोगों से संपर्क करती है। इन्होंने अपने साथ ऐसे लोगों को जोड़ा है, जो अपना या अपने किसी परिजन का जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ, पुण्यतिथि यहां आकर मनाते हैं। वे यहां 5100 रुपए नकद देते हैं। खुद प्रत्येक व्यक्ति को भोजन परोसते हैं। दान की रसीद कटती है। बोर्ड पर संबंधित का नाम लिखा जाता है। हर माह औसतन 50 हजार रुपए खर्च आता है। 200 लोग राेज आते हैं। 5 रुपए प्रति व्यक्ति के अनुसार 30 हजार रुपए आते हैं। 20 हजार समाजसेवियों से जुटाना पड़ रहा है। यह व्यवस्था भी हर माह पूरी नहीं हो पाती है। किसी माह में 5 हजार तो किसी में 10 हजार रुपए ही मिलते है। इस कारण नपा को घाटा हो रहा है।

ऐसे लंबी चल सकती है व्यवस्था

शहर में स्थायी सदस्य बनाए जाएं। जिनसे 500 व 1 हजार रुपए हर माह लिए जाएं। परिवार में होने वाले उत्सव आयोजन यहां मनाएं, जिससे यहां की व्यवस्था संचालन में मदद मिल सके। नपाध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने बताया नपा के सर्वे में 75 निराश्रित बुजुर्ग चिन्हित हुए हैं। जिन्हें सुबह शाम टिफिन देने की योजना है। लेकिन समय पर वितरण व यहां हर माह हो रहे 20 हजार रुपए घाटे के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है। इसे अमलीजामा पहनाने नपा गुप्त दानियों, समाजसेवियों से संपर्क बढ़ाएगी।

रोटी बनाने लाए 5.50 लाख की मशीन

आटा गूंथने, लोई बनाने उसे ऑटो मेटिक बेलने व रोटी सेंकने की नपा ने 5.50 लाख रुपए में आधुनिक मशीन खरीदी है। जिससे मजदूरों पर ज्यादा रुपया खर्च किए बिना समय पर भोजन व्यवस्था बनी रहे। पूर्व पार्षद दीपक सोनी सुबह ताजी सब्जी लाने समेत अन्य व्यवस्थाओं में हाथ बंटाते हैं। कर्मचारी राशन दुकान से मिलने वाला व दान में आने वाला अनाज भी खुद साफ करते हैं। गुणवत्तायुक्त सामग्री उपयोग करते हैं। घर की तरह हर चीज सुरक्षित रखी जाती है। यहां की व्यवस्था संभालने वाले राजू बिलारे, मसाले आदि सफाई व हर व्यवस्था चाक चौबंद रखते हैं। बीते दिनों यहां बेटे का जन्मदिन मनाने आए कलेक्टर अनय द्विवेदी ने सफाई व बेहतर व्यवस्था पर उसकी प्रशंसा की।