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अल्प बारिश का असर

प्रदेश की जीवन दायनी मां नर्मदा का जल स्तर तेजी से गिर रहा है। 42 साल बाद नर्मदा का जल स्तर 260.340 मीटर दर्ज किया है। इस...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 04:40 AM IST
अल्प बारिश 
 का असर
प्रदेश की जीवन दायनी मां नर्मदा का जल स्तर तेजी से गिर रहा है। 42 साल बाद नर्मदा का जल स्तर 260.340 मीटर दर्ज किया है। इस कारण जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर स्थित नाभि कुंड सूख गया। इस कारण नर्मदा में जगह-जगह चट्टानें नजर आने लगी हैं। लोग अब नर्मदा को पैदल पार भी कर रहे हैं। इससे पहले केंद्रीय जल आयोग ने नर्मदा में सबसे कम जलस्तर 30 मई 1977 को 260.330 मीटर दर्ज किया था।

नर्मदा में लगातार हो रहे अवैध रेत उत्खनन और भीषण गर्मी के कारण जल स्तर तेजी से गिर रहा है। इस कारण आने वाले दिनों में पेयजल संकट गहराने के आसार हैं। जलस्तर कम होने की वजह से नर्मदा में दूर-दूर तक चट्टानें दिख रही हैं। हंडिया निवासी अवंतिका प्रसाद तिवारी ने बताया पिछले 40 सालों में पहली बार नर्मदा को सूखते देखा है। यहीं हाल रहा तो अप्रैल के अंत या फिर मई के शुरुआती सप्ताह तक नर्मदा पूरी तरह सूख जाएगी।

42 साल बाद सूखी नर्मदा, नाभि कुंड भी सूखा

हरदा। जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर हंडिया में स्थित मां नर्मदा का जलस्तर गिरने के कारण चट्टानें नजर आ रही हैं। इनसेट नर्मदा का नाभिकुंड सूख गया यहां लोग पूजा करने के लिए पैदल पहुंचे रहे हैं।

पहली बार सूखा नाभिकुंड पैदल पहुंच रहे श्रद्धालु

नर्मदा के मध्य में स्थित नाभिकुंड पहली बार सूखा है। इसके पहले लोग नाभिकुंड के दर्शन के लिए नाव से पहुंचते थे, लेकिन अब पैदल जा रहे हैं। तिवारी के मुताबिक उन्होंने इसके पहले कभी नाभिकुंड सूखा नहीं देखा।

बढ़ सकता है जलसंकट


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