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ऊड़ा में बनेगा ओवर ब्रिज, 15 दिन बाद शुरू हाेगी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई

दो दशक से बहु प्रतीक्षित रेलवे ओवर ब्रिज को बनाने की जगह फाइनल हो गई है। यह इंदौर-बैतूल हाईवे पर ऊड़ा में बनेगा। भारत...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 04:25 AM IST

ऊड़ा में बनेगा ओवर ब्रिज, 15 दिन बाद शुरू हाेगी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई
दो दशक से बहु प्रतीक्षित रेलवे ओवर ब्रिज को बनाने की जगह फाइनल हो गई है। यह इंदौर-बैतूल हाईवे पर ऊड़ा में बनेगा। भारत माला परियोजना के तहत जिले की सीमा में 33 किमी लंबा और 200 फीट चौड़ा फोर लेन हाईवे बनेगा। सर्वे पूरा हो गया है। 15 दिन बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें 19 किमी लंबा बायपास भी बनेगा। पूरे प्रोजेक्ट की लागत 500 करोड़ रुपए आएगी।

आरओबी बनेगा ऊड़ा में

रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण मुख्यालय से करीब 5 किमी दूर ऊड़ा में होगा। आरओबी बनने से रेलवे क्रासिंग पर रोज दिन में दर्जनों बार लगने वाला जाम खत्म हो जाएगा। होशंगाबाद, खंडवा, इंदौर के बीच चलने वाले भारी वाहन शहर में प्रवेश किए बगैर ही बाहर से निकल जाएंगे। इससे शहर की आंतरिक सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। अभी ट्रेन के नीचे रोज मजबूरी में पटरी पार कर आवाजाही करने वाले फाइल मोहल्ले के नागरिकों को भी सीधा रास्ता मिल जाएगा।

19 किमी लंबा होगा बायपास

हरदा। पूर्व मंत्री कमल पटेल अधिकारियों से चर्चा करते हुए।

क्षेत्र को यह होगा फायदा

शहर की भीतरी सड़कों का ट्रैफिक कम करने के लिए बायपास बनेगा। यह 19 किमी लंबा होगा। जेल के पास सुकनी नदी से इसकी शुरुआत हाेगी। सोडलपुर के पास यह हाईवे पर जाकर जुड़ेगा। निर्माण में ग्रीन बेल्ट की जमीन आएगी। एनएचएआई ने सर्वे कर लिया है। खास बात यह है कि यह बायपास वर्तमान रोड पर ही चलेगा। 15 दिन बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।

समय बचेगा: अभी इंदौर पहुंचने में 4.30 घंटे लगते हैं। फोर लेन बनने से करीब 146 किमी का फासला 2 घंटे में पूरा हो जाएगा। हरदा, इंदौर नागपुर आपस में जुड़ जाएंगे।

समय पर मिलेगा इलाज: अभी भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं हरदा में टोटा है। लोग इंदौर या नागपुर जाते हैं। सरकारी अस्पताल से भी ज्यादातर मरीज इंदौर रैफर होते हैं। रास्ता बेहतर होने से कम समय में इन जगहों पर पहुंचा जा सकेगा। इससे समय पर उपचार नहीं मिलने से होने वाली मौत के मामलों में कमी आएगी।

कारोबार बढ़ेगा: इंदौर मिनी मुंबई कहलाता है। मप्र की आर्थिक राजधानी भी है। हरदा से भी व्यापारी यहां सामग्री लेने जाते हैं, लेकिन रास्ता खराब होने व समय ज्यादा खर्च होने से अभी अपेक्षाकृत व्यापार कम है। परिवहन सुविधा बेहतर होने से कारोबार व बढ़ेगा।

पढ़ाई की सुविधा में मदद: विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जिले से अनेक विद्यार्थी इंदौर जाते हैं। अभी रोड खराब होने से सफर में ज्यादा समय लगता है। ट्रेन मार्ग सीधा नहीं है। हाईवे फोर लेन होने से सिर्फ 4 घंटे में विद्यार्थी हरदा इंदौर के बीच सफर कर आ जा सकेंगे।

जनप्रतिनिधियों ने

किया निरीक्षण

एनएचआई के प्रोजेक्ट मैनेजर डी अनिल, सर्वे कंपनी के अतुल जैन व कंसल्टेंट की टीम गुरुवार को हरदा आई। यहां विधायक डॉ. आरके दोगने, नपाध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने अधिकारियों के साथ प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण किया। दोगने ने बताया पूर्व में हंडिया रोड हनुमान मंदिर के सामने से बायपास प्रस्तावित था। इसे निरस्त कर नया सर्वे हुआ। अब बायपास नर्मदा मंदिर हरदा खुर्द के सामने से छीपानेर रोड, ऊड़ा खिड़कीवाला के बीच से सोडलपुर निकलेगा। इधर पूर्व मंत्री कमल पटेल ने भी तीनों अफसरों के साथ प्रोजेक्ट की समीक्षा की। काम कब शुरू होगा, कहां दिक्कत आ रही है, इसकी जानकारी ली।

33 किमी होगा फोरलेन लागत 500 करोड़ रुपए

जिले से गुजरने वाले फोर लेन की कुल लंबाई 33 किमी होगी। एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर डी अनिल ने बताया प्रति किमी निर्माण खर्च करीब 17 करोड़ रुपए आएगा। बायपास समेत आरओबी के निर्माण के पूरे प्रोजेक्ट पर 500 करोड़ खर्च होंगे। जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई इस माह शुरू हो जाएगी। जानकारी विभागीय अफसरों को बता दी है।

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