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महिला बंदियों को रोजगार से जोड़ने दिया जाता है प्रशिक्षण

महिला कैदी सजा पूरी करने के बाद अपना रोजगार शुरू कर सकती हैं। इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है। उनके लिए कई...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 04:30 AM IST

महिला कैदी सजा पूरी करने के बाद अपना रोजगार शुरू कर सकती हैं। इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है। उनके लिए कई येाजनाएं संचालित की जा रही हैं। स्वरोजगार से जुड़कर महिलाएं समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकती हैं। यह बातें गुरुवार काे जिला जेल में आयोजित विधिक सेवा अभियान में आमंत्रित अतिथियों ने कही। इस मौके पर महिला कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया।

विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दस दिवसीय विधिक सेवा अभियान शुरू किया है। इसमें जेल में बंद महिला कैदियों व उनके बच्चों को विधिक सलाह दी जाएगी। शिविर की शुरुआत प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश केएस शाक्य ने की। स्वास्थ्य टीम ने महिला कैदियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। अधिवक्ता श्रद्धा मालवीय ने उन्हें कानूनी सलाह दी। जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी डॉ. राहुल दुबे ने कहा जेल से छूटने के बाद महिलाओं के पुनर्वास के लिए योजनाएं संचालित हैं। जिला रोजगार कार्यालय के काउंसलर राजेश कुमार मांझी ने महिलाओं कैदियों का रोजगार पंजीयन किया। कार्यक्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी अभय सिंह, जेलर आईएस नागर, स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. भारती शिवहरे, डाॅ. अंशुल उपाध्याय, प्रीति त्रिपाठी सदस्य उपस्थित थीं।

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Web Title: महिला बंदियों को रोजगार से जोड़ने दिया जाता है प्रशिक्षण
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