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विभाग काे मिला 17 क्विं. मूंग बीज, किसानों काे खरीदना पड़ रहा बाजार से
ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की बोवनी के लिए किसानों को कृषि विभाग के माध्यम से मिलने वाला मूंग का बीज अभी तक नहीं मिल पाया है। इस कारण मजबूरी में किसानों काे बाजार में व्यापारी से अधिक दाम पर मूंग बीज खरीदना पड़ रहा है।
विभाग ने खिरकिया ब्लॉक में मूंग की फसल बोवनी के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत 4500 किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर के मान से लगभग 900 क्विंटल मूंग बीज की मांग भेजी थी, लेकिन विभाग को अभी तक सिर्फ 80 किसानों के हिसाब से साढ़े 17 क्विंटल मूंग बीज ही मिला है। ऐसे में किसानों को बाजार से महंगे दामों पर बीज की खरीदी करना मजबूर बन गया है। विभाग को आवंटित हुआ मूंग बीज ब्लॉक के महेंद्रगांव के किसानों को ही मिल सकेगा। क्योंकि महेंद्रगांव का चयन पायलट ग्राम में किया गया है। जबकि शेष गांवों के किसानों को मूंग के बीच से वंचित होना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि ग्रीष्मकालीन मूंग समय पर कृषि विभाग से उपलब्ध नहीं हो रहा है, जिससे बाजार में महंगे दामों पर बीज खरीदकर बोवनी करना पड़ेगा। बोवनी का समय निकल रहा है। किसानों ने मूंग बीज समय पर उपलब्ध कराने की मांग की। इधर, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी संजय जैन ने कहा कि मूंग का आवंटन विभाग से मांगा है। शीघ्र ही बीज मिलने की उम्मीद है। इसके बाद किसानों को मांग अनुसार बीज दिया जाएगा।
नाममात्र का अाया बीज, अब भी लाइन में किसान
जनपद पंचायत कार्यालय परिसर स्थित कृषि विभाग कार्यालय में क्षेत्र के उन किसानों के लिए मूंग बीज आ चुका है, जिनके पास पानी की पर्याप्त व्यवस्था है। बीज अभी नाम मात्र का अाया है। अब भी कई किसान मूंग लेने के लिए लाइन में हैं। फिलहाल कृषि विभाग के पास गुरुवार काे एससी, एसटी वर्ग के किसानों के लिए करीब साढ़े 17 क्विंटल मूंग का बीज आया है। इस वर्ग के किसानों को 60 प्रतिशत अनुदान पर 10 किलो प्रति एकड़ के अनुमान से दिया जाएगा। विभागीय सूत्राें की माने ताे कृषि विभाग में मूंग बीज ओर आएगा। क्याेंकि नहरों में पानी यदि छोड़ा जाता है तो निश्चित मूंग की मांग बढ़ेगी। सिंचित रकबे के हिसाब से आ सकता है। हालांकि अभी नहरों में पानी कबसे अाैर कितना अाएगा यह पक्का नहीं है। सिंचाई विभाग यदि नहरों में पानी छाेड़ता है ताे किसानों काे राहत मिल सकती है। क्षेत्र में गेहूं कटाई के बाद ट्यूबवेल व कुओं सहित अन्य संसाधनों से मूंग की बुआई तीसरी फसल के रूप में करते हैं।
टिमरनी। विभाग कार्यालय परिसर में वाहन से मूंग का बीज उतारता कर्मचारी।