एक छोटी सी माया भी हमारी स्थिति बिगाड़ देती है: मुनि मसा

Harda News - जीव की असीम पुण्यवाणी होगी तभी वह जिनेश्वर भगवान के वचनों पर श्रृद्धा कर सकता है। यह बातें जैन श्वेतांबर संत दिलीप...

Oct 12, 2019, 08:16 AM IST
जीव की असीम पुण्यवाणी होगी तभी वह जिनेश्वर भगवान के वचनों पर श्रृद्धा कर सकता है। यह बातें जैन श्वेतांबर संत दिलीप मुनि मसा ने व्याख्यान में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कही।

महाबल मुनि ने साधु बनकर तपस्या तो बहुत की, लेकिन मन में एक छोटी सी माया आ गई कि में तप अपने साथियों से अधिक करूं ताकि मुझे उनसे ऊंचा पद मिले। यह छोटी सी कशाय भी हमारी स्थिति बिगाड़ देता है। अतिशय मुनि मसा ने कहा कि तीर्थंकर भगवान का उपदेश सुनकर जीव आत्मा से अमीर बनता है। संसार में महत्व धन का है। तीर्थंकर भगवान की जिनवाणी सभी को छप्पर फाड़ कर देते हैं। पर झेलने वाले ही झेल पाते हैं। सभी नहीं उसे झेलते हैं। जीव इसी कशाय से अनादि से मैला का मैला ही रहता है। उपदेश सुनकर समझने वाले थोड़े ही जीव होते हैं। कोई उपदेश का मजाक उड़ाने वाले भी होते हैं। जो वर्णन जानने योग्य है वह उसे अपनाता है। जो अपनाने योग्य है उसे छोड़ता है। यही हमारी मुक्ति में बाधक कारण है। जिस प्रकार सिंहनी का दूध सोने के पात्र में टिकता है उसी प्रकार तीर्थंकर भगवान का उपदेश भवी जीवों के हृदय में ही टिकता है।

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