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निकासी की व्यवस्था नहीं होने से जलमग्न हुआ कन्या शाला परिसर

2 वर्ष पहले
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शहर में शुक्रवार शाम को हुई तेज बारिश से कन्या शाला परिसर में पानी जमा हो गया। मैदान पर कबड्डी व कराते खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। पानी जमा होने के कारण शनिवार को प्रशिक्षण बंद रहा। परिसर में पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं है। शहर के मुख्य मार्ग से परिसर काफी नीचा है। परिसर के पीछे बाउंड्रीवाॅल है। जहां नाला है। पानी निकासी के लिए पाइप नहीं डालने से तेज बारिश में तीन दिनों पानी भरा रहता है।

इस स्थिति में पूरा परिसर तलैया बन जाता है। परिसर में तीन स्कूल अलग-अलग शिफ्ट में लगती हैं। जिम्मेदारों के ध्यान नहीं देने से विद्यार्थियों और खिलाड़ियों को सबसे अधिक परेशान होना पड़ रहा है। मालू हो, शहर के खिलाड़ियों के लिए यह एकमात्र खेल मैदान है। खिलाड़ी सालों से खेल मैदान की कमी से जूझ रहे हैं। यही कारण है कि टिमरनी की कई खेल प्रतिभाएं एक प्लेटफार्म के अभाव में सिमटकर रह गई। खिलाड़ियों की समस्या दूर करने आज तक न कोई जनप्रतिनिधि सामने आया न ही कोई अधिकारी।

टिमरनी। कन्या शाला परिसर में जमा बारिश का पानी।

खेलों के नाम से जाना जाता था टिमरनी
शहर में आज से करीब 20 साल पहले क्रिकेट, फुटबॉल के राष्ट्रीय स्तर तक के खिलाड़ी थे। देश में टिमरनी खेलों के नाम से जाना जाता था। हालांकि अब भी कई खेल प्रतिभाएं सुविधाओं के अभाव में अपना और टिमरनी का नाम रोशन कर रही हैं। जिसका एक मुख्य कारण राधास्वामी हाईस्कूल का खेल मैदान था। इसी मैदान पर कभी संजय क्लब, पीसीसी, पीएमसीसी क्रिकेट क्लब के तत्वावधान में क्रिकेट प्रतियोगिताएं हुआ करती थीं। अब राधास्वामी संस्था ने 15-20 साल से खिलाड़ियों को परिसर देना बंद कर दिया है। तभी से खेल प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं। एक ही परिसर में प्राथमिक कन्या शाला, कन्या माध्यमिक शाला तथा कन्या हायर सेकंडरी स्कूल लगते हैं। परिसर में शक्ति व्यायाम शाला, न्यू एसवीएस क्लब, कराते क्लब व वालीबॉल खेल आदि चलते हैं। इन खेलों के लिए यह परिसर छोटा पड़ता है। थोड़ी सी बारिश होने से परिसर में पानी भरा जाता है। इस संबंध में शहर के डॉ. राजेंद्र शर्मा, पंकज तिवारी सहित अन्य नागरिकों ने कहा खिलाड़ियों के लिए एक व्यवस्थित खेल मैदान जरूरी है। नागरिक अपने स्तर से खेल मैदान बनाने प्रयास कर रहे हैं।

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