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घटत या घपला? चना बेचने के 9 महीने बाद भी 41 किसानों को नहीं किया 43 लाख रु. का पेमेंट

एक वर्ष पहले
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वेयर हाउस में ही हुई खरीदी, फिर भी घटत बताकर राेका किसानाें का 43 लाख का भुगतान

खिरकिया तहसील की धनवाड़ा व चाैकड़ी समिति ने बीते साल की चना खरीदी का 41 किसानाें का करीब 43 लाख रुपए का भुगतान यह कहकर राेक रखा है कि
खरीदी के बाद चने में घटत आ गई है। यह तर्क किसी के गले नहीं उतर रहा है, क्याेंकि वेयर हाउस में खरीदी हुई। वहां से कहीं परिवहन भी नहीं हाेना था, फिर घटत कैसे संभव है। अब कलेक्टर एस. विश्वनाथन ने जिला उपार्जन समिति काे समिति सेवकाें, प्रबधंकाें, वेयर हाउस प्रबंधक व सहकारिता विभाग के लाेगाें की भूमिका की जांच कर दाेषियाें पर एफआईआर के निर्देश दिए हैं।

जिले में समर्थन मूल्य पर किसानाें से हाेने वाली खरीदी में समितियां और वेयर हाउस जमकर घाेटाला कर रहे हैं। जिला सहकारी बैंक व सहकारिता विभाग के कुछ अधिकारियाें की मिलीभगत के चलते समितियां प्रशासन की आंखों में धूल झाेंक रही हैं।

दोषी पाए जाने पर केस दर्ज कराने को कहा है

एस. विश्वनाथन, कलेक्टर हरदा

समितियाें काे दूर रखने की कलेक्टर से मांग की है

- माेहन विश्नाेई, प्रदेश सचिव, किसान कांग्रेस

चने में घटत बताकर समिति और वेयर हाउस ने रोक रखा है किसानों का भुगतान

जिला उपार्जन समिति कराएगी एफअाईअार

समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना व अन्य उपज खरीदने जिला उपार्जन समिति बनी है। इसमें उप संचालक कृषि, खाद्य आपूर्ति अधिकारी, सहायक आयुक्त सहकारिता, प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम, प्रबंधक वेयर हाउस और नाेडल अधिकारी जिला सहकारी बैंक आदि शामिल हैं। कलेक्टर ने इस समिति काे समिति व वेयर हाउस से जुड़े संबंधित सभी लाेगाें की भूमिका की अलग-अलग जांच के निर्देश दिए हैं। समिति प्रबंधक, सेवक, वेयर हाउस के संबंधित व्यक्तियाें की भूमिका देखी जाएगी कि किसकी, क्या-क्या जिम्मेदारी थी। किसने, कहां, किस तरह से गड़बड़ी की। इस तरह भूमिका के आधार पर जिम्मेदारी तय हाेगी। यदि समिति के कर्मचारी दाेषी हुए ताे आरआरसी की कार्रवाई हाेगी। वेयर हाउस की भूमिका में धांधली उजागर हुई ताे लाइसेंस कैंसिल हाेगा। फिर दाेषियाें के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।

मामला एक नजर में

समर्थन मूल्य पर सहकारी समितियाें ने किसानाें से चना खरीदी की। खरीदी के लिए केंद्र बनाए। जहां से वेयर हाउस तक परिवहन कर चना भेजने की जिम्मेदार नागरिक आपूर्ति निगम की थी। कई जगहाें पर परिवहन न करना पड़े, इसलिए खरीदी केंद्र वेयर हाउस ही बना दिए गए थे। धनवाड़ा व चाैकड़ी समितियाें ने भी सीधे वेयर हाउस में ही खरीदी की। यहां मई-जून में चौकड़ी सोसाइटी ने पंकज वेयर हाउस और धनवाड़ा ने अगवान वेयर हाउस परिसर में चना खरीदी की थी। चौकड़ी व धनवाड़ा सोसाइटी में समर्थन मूल्य पर चना बेचने वाले 41 किसानों का भुगतान अटक गया। 41 किसानों के 926.30 क्विंटल का भुगतान 42, 79, 506 रुपए अभी तक बाकी है। इसमें चौकड़ी सोसाइटी से जुड़े 31 किसानों के 677 क्विंटल चने का 31, 27, 740 रुपए व धनवाड़ा सोसाइटी से जुड़े 10 किसानों के 249.30 क्विंटल चने का 11, 51, 766 रुपए अभी तक बकाया है।

पहले भी हाे चुकी है जांच, समिति मानने काे राजी नहीं

किसानाें का पेमेंट नहीं हुअा। अब तक 6 बार जन सुनवाई में आवेदन पहुंचे। सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत हुई। किसान कांग्रेस के प्रदेश सचिव माेहन साईं व जिलाध्यक्ष रविशंकर शर्मा, सहकारिता मंत्री गाेविंदसिंह, कृषि मंत्री सचिन यादव, प्रभारी मंत्री पीसी शर्मा से मिले। प्रशासन ने जांच समिति बनाई। इसमें एसडीएम खिरकिया, डीडीए, डीएसअाे, एफआरसीएस आदि शामिल थे।

अधिकारी एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी

चना खरीदी के बाद किसानाें काे 7 दिन में भुगतान हाेना था। लेकिन भुगतान 9 माह बाद भी नहीं हुअा। धनवाड़ा व चाैकड़ी समिति ने खरीदी के बाद घटत बता दी है। मजेदार बात यह है कि दाेनाें समितियाें ने खरीदी वेयर हाउस में ही की। वहां से कहीं परिवहन नहीं हाेना था, ऐसे में घटत का सवाल ही नहीं उठता है। सक्तापुर माेरगढ़ी में भी वेयर हाउस पर खरीदी हुई, लेकिन यहां काेई घटत नहीं अाई।

हरदा। मंडी में रखा चना। (फाइल फोटो)
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