पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Khirkiya News Mp News Religion Changes The Direction And Condition Of A Person39s Life Vinay Muni

धर्म की शरण से व्यक्ति के जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल जाती है : विनय मुनि

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

दुर्भाग्य को काटने के लिए कर्म निर्जरा का लक्ष्य सशक्त और सहायक है। जप, तप, कर्म निर्जरा के लिए करना अभीष्ट है। कर्म निर्जरा से दुर्भाग्य का स्वत: ही नाश होता है। दुर्भाग्य का नाश होने पर सद्भाग्य का निश्चित ही उदय होता है। कर्म निर्जरा से सारी अनुकूलताएं स्वत: ही मिल जाती है। यह बात श्वेतांबर जैन संत विनय मुनि ने शनिवार को समता भवन में अपने व्याख्यान में कहीं। उन्होंने कहा कि धर्म कि शरण ही एकमात्र ऐसी शरण है, जिससे व्यक्ति के जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल जाती है। जैन धर्म किसी व्यक्ति विशेष का नहीं है। यह जन-जन का धर्म होकर प्राणी मात्र के लिए विशेष उपयोगी है जैन धर्म। एक वैज्ञानिक धर्म है। यदि व्यक्ति महावीर के सिद्धांतों को आत्मसात करता है तो उसका जीवन सुखद और सरस बन सकता है।

हमारे मन में निरंतर शुभ और अशुभ विचार आते रहते हैं : चिन्मय मुनि

चिन्मय मुनि ने बताया कि हमारा मन विचारों की पेटी है। हमारे मन में निरंतर शुभ और अशुभ विचार आते रहते हैं। शुभ विचारों से शांति और अशुभ विचारों से अशांति मिलती है। अशुभ विचार आत्मा को कलुषित करते हैं। प्रसन्नचित रहने के लिए हमें निरंतर विचारों का शोधन करना पड़ेगा। निरंतर अशुभ भावों में रमण करने से हमारी धर्म आराधना व्यर्थ चली जाती है। विचार ही दुख का कारण है। सम्यक ज्ञान के अभाव में मन भटकता रहता है। आज संसार में धनवान, ज्ञानवान तो बहुत है, पर सम्यक ज्ञान के धनी बहुत कम है। छल, कपट, झूठ और चोरी करने से हमारी आत्मा तिर्यच गति में जाती है। हमें हमारी जीवन शैली को बदलना पड़ेगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। रविवार को जनता कर्फ्यू के चलते संतों के व्याख्यान नहीं होंगे।
खबरें और भी हैं...