ताऊ, पिता की याद में ब्लड बैंक के लिए बनवाया भवन, बैंक ने दी मशीनें, लोगों को मिल रहा खून और जीवन

Harda News - जिला अस्पताल में एक समाजसेवी ने अपने ताऊ व पिता की याद में 2002 में 5.25 लाख रुपए की लागत से अरुण किरण मेमोरियल भवन बनवाकर...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 07:40 AM IST
Harda News - mp news tau the building built for the blood bank in the memory of the father the machines given by the bank people getting blood and life
जिला अस्पताल में एक समाजसेवी ने अपने ताऊ व पिता की याद में 2002 में 5.25 लाख रुपए की लागत से अरुण किरण मेमोरियल भवन बनवाकर दान किया। एक बैंक ने मशीनें दीं। 2012 में बैंक शुरू हुआ। हर साल 2000 से ज्यादा लोगों को यहां से खून व जीवन मिल पा रहा है। यहां 600 यूनिट स्टॉक की क्षमता है। समय-समय पर लगने वाले कैंपों से 70 फीसदी खून मिलता है। 30 प्रतिशत स्वैच्छिक रक्तदान से आता है। अफसोस की बात यह है कि भवन दानदाता के परिवार को संचालन समिति में रखना था, लेकिन आज तक न तो समिति बनी न परिवार को रखा गया।

यहां ब्लड बैंक की शुरुआत 16 मई 2012 को हुई। 2018 में 20 कैंप लगे। पूरे साल में 2431 यूनिट खून मिला। इसमें 70 प्रतिशत कैंप में एकत्रित हुआ। इस साल जनवरी से मई तक 5 कैंप लगे। 1009 यूनिट ब्लड मिला। इसमें से 700 यूनिट कैंप से मिला। भवन बने व बैंक चालू हुए 7 साल हो गए। लेकिन स्टाफ की समस्या हल नहीं हुई। अभी एक डॉक्टर, ब्लड बैंक अधिकारी, 3 टेक्नीशियन व दो सहायकों की जरूरत है।

कम मिलने वाला खून स्टाक कर नहीं रखते

ब्लड बैंक सूत्रों के अनुसार बहुत कम मिलने वाले खून को यहां एकत्रित करके नहीं रखा जाता है। ऐसे रक्तदाताओं के मोबाइल नंबर बैंक में उपलब्ध रहते हैं। किसी मरीज को जरूरत पड़ने पर रक्तदाता को बुलाया जाता है। यहां अक्सर खून देने वालों की सूची है। जो सूचना पर आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।

ऐसे आया विचार

गैंस एजेंसी संचालक कितिन अग्रवाल के पिता का 1989 में हार्ट का मद्रास में ऑपरेशन हुआ था। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के सदस्यों ने रक्तदान किया। अग्रवाल ने बताया कि कई गरीबों को खून के लिए भटकना पड़ता है। अंजान शहर में रक्तदाता नहीं मिलते। ऐसे में जान खतरे में पड़ जाती है। उन्होंने तभी अस्पताल में ब्लड बैंक बनवाने की ठानी। 2002 में अपने ताऊ व पिता की याद में भवन बनवाया। 16 मई 2012 को शुरुआत हुई। अनुबंध के अनुसार अग्रवाल परिवार के सदस्यों में से किसी का संचालन समिति में शामिल करना था, लेकिन प्रशासन ने एेसा नहीं किया। एचडीएफसी बैंक ने मीट्रिक जेल मशीन दान दी। मप्र में करीब 3-4 ब्लड बैंक में ही एडवांस खून जांच की मशीन है।

ब्लड बैंक में अभी इतने यूनिट ब्लड है स्टॉक में

ए पाजीटिव निगेटिव 9 यूनिट

बी पाजीटिव निगेटिव 12

ओ पाजीटिव निगेटिव 16

एबी पाजीटिव निगेटिव 3

अाे निगेटिव 2

बी निगेटिव 1

एबी निगेटिव 1

कुल 44

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