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व्यास परिवार के पास है गुरु गोविंद सिंह की लिखी सनद

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 03:17 AM IST

Harda News - हरदा। 18 किमी दूर नर्मदा तट पर बसे हंडिया का बोंदर व्यास (भटट) का परिवार सिख समुदाय के लिए बहुत आदर और सम्मान का पात्र...

Harda News - mp news the vyas family has a letter written by guru gobind singh
हरदा। 18 किमी दूर नर्मदा तट पर बसे हंडिया का बोंदर व्यास (भटट) का परिवार सिख समुदाय के लिए बहुत आदर और सम्मान का पात्र है। कारण यह है कि करीब 300 साल पहले सिखों के 10वें गुरु गोविंदसिंह जी नांदेड जाते समय हंडिया में भी कुछ समय रुके थे। तब व्यास परिवार ने उनकी समर्पण भाव से सेवा की। इससे खुश होकर गुरु गोविंदसिंहजी ने अपने हाथों से लिखकर एक सनद इस परिवार को दी। जिसमें लिखा कि यहां आने वाला सिख समुदाय का हर व्यक्ति इसे देखे और इस परिवार को मान-सम्मान व भेंट दे। इस परिवार की 80 वर्षीय गीता बाई की पीड़ा यह है कि अब बहुत ही कम लोग आते हैं। उन्होंने कहा किसी ने ऐसी कोई ऐसी वस्तु नहीं दी जो यादगार हो। उनका परिवार इसे धरोहर के रूप में आज भी सहेजे हुए है।

ओंकारप्रसाद व्यास से सुनी जानकारी का जिक्र करते हुए बताती हैं कि 17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में गुरु गोविंदसिंहजी उत्तर भारत से दक्षिण भारत की यात्रा पर निकले थे। तब वे हंडिया में रुके थे। आज वहां गुरुद्वारा भी है। उस दौरान बोंदर व्यास व उनके परिवार ने उनकी खूब सेवा की।

प्रमुख सिख संस्था ने करवाई थी खोजबीन

देश में सिख धर्म की सबसे बड़ी संस्था श्री शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर की धर्म प्रचार शाखा ने अपने अधीनस्थ कार्यरत सिख मिशन हापुड़ को 7 अप्रैल 2000 को पत्र लिखकर इस संबंध में खोजबीन करने को कहा था। सिख मिशन से ज्ञानी चतरसिंह सितंबर 2000 में हंडिया व खिरकिया आए। लेकिन तब उन्हें हंडिया में व्यास परिवार के सदस्य नहीं मिल पाए थे। बाद में 22 मार्च 2001 को रागी जत्था अमृतसर के ज्ञानी वीरसिंह हंडिया तक आए। तब उन्होंने व्यास परिवार के पं. गोकुल व्यास से उस सनद की छाया प्रति प्राप्त की। इस सनद की प्रतिलिपि अमृतसर में आज भी लगी हुई है। गुरुसिंघ सभा के उपाध्यक्ष मनमीत सिंह ने कहा कि हरदा जिले के सिख आज भी हंडिया जाकर सनद के दर्शन करते हैं।

शासकीय दस्तावेजों में दर्ज है सनद


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