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वर्ल्ड बैंक के फंड से शहर में डलेगी अंडरग्राउंड सीवरेज लाइन, अजनाल में नहीं मिलेगी गंदगी, सीधा फायदा नर्मदा को भी

Harda News - नर्मदा को साफ रखने की कवायद तेज हाे गई है। नर्मदा में जो सहायक नदियां मिलती हैं, उनमें मिलने वाले नालों व ड्रेनेज के...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 07:40 AM IST
Harda News - mp news underground sewerage line in the city from the fund of the world bank ajanal will not get dirt and even narmada can be used directly
नर्मदा को साफ रखने की कवायद तेज हाे गई है। नर्मदा में जो सहायक नदियां मिलती हैं, उनमें मिलने वाले नालों व ड्रेनेज के पानी को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा। इसके लिए विश्व बैंक फंड देगा। पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 70 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस याेजना में शहर में अंडर ग्राउंड सीवरेज सिस्टम बनाया जाएगा। इससे 5 नए वार्डों को भी फायदा होगा। रेलवे ट्रैक पार व नए वार्डों में एचडीपी टैंक बनेंगे। इस बदलाव से अजनाल व नर्मदा दोनों नदी गंदगी में गंदगी नहीं जाएगी। इसके लिए भोपाल के इंजीनियर डीपीआर बना रहे हैं। इसके इसी माह पूरे होने की उम्मीद है।

नर्मदा को साफ रखने के लिए शहर में अंडर ग्रांउड सीवरेज सिस्टम बनेगा। इससे नर्मदा में मिलने वाली सहायक नदियों का पानी भी साफ रहेगा। हरदा की अजनाल भी नर्मदा की सहायक नदी है। इसका पानी भी नर्मदा में मिलता है। शहर से निकलने वाले नालों का पानी अजनाल को दूषित करता है। बाद में यही पानी आगे नर्मदा को गंदा करता है। केंद्र व राज्य सरकार अनुदान देंगेे। नपा अपना अंश मिलाएगी।

12 साल पहले 28 करोड़ का था प्रोजेक्ट

2003 में अंडर ग्राउंड सीवरेज सिस्टम की डीपीआर बनी थी। तब लागत 28 करोड़ की थी। केंद्र व राज्य के बीच सरकार अलग-अलग होने से खींचतान में मामला अटक गया। इधर बीते नपा चुनाव में परिसीमन हुआ। इससे शहर में 5 नए वार्ड जुड़े। अब बन रही नई डीपीआर में इन वार्डों को भी शामिल किया है। अब इस याेजना में पूरा शहर कवर हो जाएगा। नया एरिया जुड़ने और निर्माण सामग्री के रेट बढ़ने से अब यह प्रोजेक्ट करीब 70 करोड़ का होने का अनुमान है।

भास्कर ने चलाई थी अजनाल साफ रखने की मुहिम

अजनाल शहर की जीवनरेखा है। इसमें नालों का गंदा पानी मिलता है। नदी किनारे बसी बस्तियों के लोग यहां शौच करने आते थे। हालांकि अजनाल में गंदगी बिरजाखेड़ी फिल्टर प्लांट से करीब दो किमी आगे की ओर मिलती है। भास्कर ने इसे लेकर अभियान चलाया था। अब नए डीपीआर के अनुसार अंडर ग्राउंड सीवरेज सिस्टम, एचडीटी टैंक बनने के बाद अजनाल में नालों का गंदा पानी नहीं मिलेगा। आगे नर्मदा भी साफ रहेगी।

इस तरह अजनाल नदी में मिल रही शहर के नालों की गंदगी।

याेजना में हरदा का नाम भी शामिल है


ऐसा रहेगा प्लान

फिल्टर कर छोड़ा जाएगा सैप्टिक टैंकाें का पानी

अभी अजनाल में 3 नाले मिलते हैं। अजनाल को साफ रखने के लिए शहर में अंडर ग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम बिछाया जाएगा। सैप्टिक टैंक सीधे पाइपों के जरिए अापस में जोड़े जाएंगे। इनके जरिए मल, जल शहर में अलग-अलग जगहों पर बनाए जाने वाले एचडीपी टैंकों में जाएगा। यहां से फिल्टर प्लांट में मल जल जाएगा। जहां मल व जल अलग- अलग होगा। फिल्टर पानी नदी में छोड़ा जाएगा। मल से नपा खाद बनाकर बेचेगी। इससे नपा को आय भी होगी।

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