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ड्राइंग फाइनल नहीं होने से कमरों का निर्माण रुका, सांस्कृतिक हाॅल में लग रहीं कॉलेज की क्लॉसेस

3 वर्ष पहले
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स्वामी विवेकानंद शासकीय कॉलेज में कमरों की कमी है। 10 साल पहले यूजीसी की ग्रांट से छह कमरों का निर्माण शुरू कराया। पहली किस्त के बाद राशि नहीं मिली। उच्च शिक्षा विभाग ने दूसरी मद से निर्माण के लिए 3.52 करोड़ रुपए मंजूर किए तो पिछले साल मामला ड्राइंग की मंजूरी में अटक गया। जगह व कमरों की कमी के चलते छात्र-छात्राओं की कक्षाएं सांस्कृतिक हाॅल में लगानी पड़ रही है। परीक्षा के दिनों में दिक्कतें और बढ़ जाती है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि अब अंतिम मंजूरी हो चुकी है। शीघ्र ही निर्माण शुरू कराया जाएगा।

जिला मुख्यालय पर स्थित लीड कॉलेज जगह की कमी से जूझ रहा है। इसे दूर करने के लिए ग्राउंड फ्लाेर पर प्राचार्य कक्ष के बगल में छह कमरों का निर्माण होना है। लेकिन दस साल में कमरे नहीं बन पाए। वर्ष 2009 में यूजीसी की ग्रांट से छह कमरों का निर्माण होना था। एक किस्त में 22 लाख रुपए मिले। इससे प्लंथ व कॉलम खड़े हुए। इसके बाद 10 सालों से कॉलेज में कमरों का निर्माण अटका हुआ है।

26 में से मात्र 6 प्रोफेसर, अतिथि विद्वानों के भरोसे कॉलेज
कॉलेज में पढ़ाई के लिए 26 प्रोफेसर व सहायक प्रोफेसर के पद मंजूर हैं। इनमें मात्र छह पदों पर प्रोफेसर व सहायक प्रोफेसर पढ़ा रहे हैं। 20 पद खाली है। इनकी पूर्ति के लिए 17 अतिथि विद्वान सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में प्राचार्य डॉॅ. क्यूजे शमी, प्रो. डॉ. प्रभा सोनी, सहायक प्रोफेसर विजय कुमार अग्रवाल, डॉ. एस. बिले, डॉ. धीरा शाह, डॉ. मालती सोलंकी कॉलेज में पदस्थ हैं।

इस तरह दस साल से खड़े है कॉलम।

3900 छात्रों के लिए हैं मात्र 16 कमरे व एक हाल
कॉलेज में बीए, बीकॉम, बीकॉम कंप्यूटर, बीएससी, बीएससी कंप्यूटर, बीसीए, बीबीए के अलावा पीजी में एमकॉम, एमससी, एमए की कक्षाओं में 3900 छात्र-छात्राएं दर्ज हैं। इनके लिए कॉलेज में मात्र 16 कमरे व एक हाल है। इन्ही कमरों में बायलॉजी, केमेस्ट्री, फिजिक्स व कम्प्यूटर लैब भी संचालित हो रही है। 6 कमरों में प्रशासनिक कार्यालय व प्राचार्य कक्ष है। स्टाफ के बैठने के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है।

भोपाल में अटकी ड्राइंग
उच्च शिक्षा विभाग ने छह कक्षों के निर्माण के लिए 3.52 करोड़ रुपए मंजूर किए। इसमें छह कक्षों का निर्माण होना है। लेकिन ड्राइंग मंजूरी के लिए भोपाल भेजी तो मंजूरी नहीं मिली। इससे निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है।

पदों की पूर्ति व कक्षों के निर्माण को लेकर उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। छह कमरों का शीघ्र निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। भोपाल में होने वाली विभागीय बैठक में भी अधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। डॉ. क्यूजे शमी, प्राचार्य, शासकीय स्वामी विवेकानंद कॉलेज हरदा

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