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एक साल पहले शुरू हुई युवा स्वाभिमान याेजना, लेकिन किसी को नहीं मिला राेजगार

एक वर्ष पहले
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शासन ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने एक साल पहले मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना शुरू की थी। लेकिन योजना के तहत सालभर में शहर के एक भी युवा को रोजगार नहीं मिला है। वहीं नगर परिषद ने योजना को लेकर शहर में कोई व्यापक प्रचार- प्रसार भी नहीं किया। यहां तक कि योजना का लाभ युवाओं को दिलाने दफ्तर में ऑनलाइन आवेदन तक जमा नहीं किए गए।

दरअसल, शहर में कोई ट्रेनिंग सेंटर नहीं होने का हवाला देकर ही नप कर्मचारियों ने योजना को ही टाल दिया। शासन ने फरवरी 2019 में इस योजना को लागू किया था। शासन ने शहरी गरीब युवाओं के लिए 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना शुरू की। योजना में 21 से 30 वर्ष आयु समूह के शहरी ऐसे युवाओं को लाभ मिलना है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपए से कम है। योजना के तहत युवाओं को एक साल में 100 दिन के लिए नगरीय निकायों में अस्थाई रोजगार दिया जाना है। युवाओं के ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद उनका पंजीयन होता है। इसके बाद ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को 4 हजार रुपए प्रति माह मिलने का प्रावधान भी है।

योजना में स्वरोजगार के लिए पहले चरण में 10 हजार रुपए देने का प्रावधान रखा है

शासन ने योजना में आंशिक बदलाव भी बीते माह किया है, जिसके तहत अब हर शहर के प्रत्येक वार्ड में 4 युवक और 4 युवतियों को 40 से अधिक विधाओं काे रोजगार देने की योजना पर काम किया जाएगा। इस योजना के तहत शहरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वसहायता समूह गठित होना है। इन्हें स्वरोजगार के लिए पहले चरण में 10 हजार रुपए और समूह के लिए अच्छा कार्य करने पर 50 हजार रुपए दिए जाने का प्रावधान रखा है।

युवाओं के आवेदन ऑनलाइन दर्ज नहीं किए


योजना का लाभ शहरी क्षेत्र के गरीब बेरोजगारों को प्राथमिकता से देने के निर्देश दिए। नप में योजना की शाखा से जुड़े कर्मचारियों ने खिरकिया में ट्रेनिंग सेंटर नहीं होने का हवाला देकर टाल दिया। किसी भी युवा के आवेदन भी ऑनलाइन दर्ज नहीं किए। शहर में योजना का कोई प्रचार- प्रसार भी नहीं किया। जबकि योजना के तहत नप द्वारा युवाओं के पंजीयन करने के बाद उनके माध्यम से संपत्ति कर, जल कर की वसूली, संपत्ति कर के लिए सर्वे, निर्माण कार्यों में श्रमिक के रूप में काम कराने का प्रावधान भी है। साथ ही सिलाई और ब्यूटी पार्लर की ट्रेनिंग प्राइवेट संस्थानों से दिलाकर भी योजना से युवाओं को जोड़ा जा सकता है। कर्मचारियों की लापरवाही से योजना का लाभ शहर के बेरोजगार युवक-युवती प्राप्त नहीं कर रहे हैं।


ट्रेनिंग सेंटर नहीं होने का हवाला देकर ही नप अधिकारियों ने योजना को ही टाल दिया

योजना का लाभ दिलाने जल्द प्रक्रिया शुरू करेंगे

- एआर सांवरे, सीएमओ, नप

िकसी का भी आवेदन जमा नहीं कर रहे हैं

-शंभुदयाल सूरमा, शाखा प्रभारी, युवा स्वाभिमान योजना, नप खिरकिया

खिरकिया। नगर परिषद कार्यालय जहां याेजना का बेरोजगार युवाअाें काे लाभ नहीं मिल रहा।
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