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अतिथि शिक्षकों की हड़ताल से चरमराई शिक्षा व्यवस्था

हड़ताल के कारण खाली पड़े हैं स्कूल भास्कर संवाददाता | नोहटा जनपद क्षेत्र जबेरा के अंतर्गत आने वाली नोहटा संकुल...

Dainik Bhaskar

Feb 10, 2018, 03:00 AM IST
हड़ताल के कारण खाली पड़े हैं स्कूल

भास्कर संवाददाता | नोहटा

जनपद क्षेत्र जबेरा के अंतर्गत आने वाली नोहटा संकुल की समस्त शासकीय प्राथमिक माध्यमिक नवीन हाई स्कूल अतिथि शिक्षक अपने नियमितीकरण की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। अतिथि शिक्षकों की शिक्षण कार्य दूर हो जाने एवं शालाओं का बहिष्कार करने से संपूर्ण संकुल केंद्र नोहटा के अतिथि के भरोसे चलने वाले विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है।

अतिथि शिक्षण व्यवस्था नियुक्ति शासन द्वारा 15 सितंबर से की गई थी और 30 जनवरी के बाद से यह अतिथि शिक्षक हड़ताल पर चले गए। केवल 4 महीने में प्राथमिक माध्यमिक हाई स्कूल के विद्यार्थियों का शिक्षण कोर्स में कैसे पूर्ण होगा एवं आगामी दिनों में प्राथमिक माध्यमिक की परीक्षाएं संचालित होना है और अभी वर्तमान में नवमी दशमी कि प्री बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। जिससे परीक्षाएं प्रभावित हो रही है। वहीं आज हड़ताल का दसवां दिन होने के बावजूद भी सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार के संकेत नहीं मिले हैं। जिससे यह हड़ताल और बढ़ती नजर आ रही है। संकुल केंद्र नोहटा के अंतर्गत आने वाली दर्जनों शासकीय प्राथमिक विद्यालय शासकीय माध्यमिक विद्यालय के अतिथि शिक्षक ना होने के कारण समस्त विद्यालय शिक्षक विहीन दिख रही है। बच्चों ने भी अभी स्कूल में जाना कम कर दिया है और अधिकांश स्कूलों के बाहर बच्चों को खेलते या बाहर बैठे देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि शिक्षा व्यवस्था अतिथि शिक्षकों की भरोसे चल रही है। यदि यही नहीं रहेंगे तो शिक्षा तंत्र टूट जाएगा और शासकीय स्कूलों में अध्ययन कर रहे छात्र छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

शासकीय माध्यमिक शाला नोहटा के प्रधानाचार्य परमलाल अहिरवाल ने बताया कि अतिथि शिक्षकों की हड़ताल से स्कूल की पढ़ाई प्रभावित हुई है।

कोर्स भी अभी पूरा नहीं हो पाया है आगामी सप्ताह में परीक्षाएं आने वाली हैंए व्यस्थाएं कैसे ठीक होंगी अभी कुछ पता नहीं। नोहटा संकुल प्राचार्य बृजेश शर्मा का कहना है कि अतिथियों शिक्षकों की हड़ताल का आज दसवां दिन है शासन को जल्दी ही कोई समाधान करना पड़ेगा नहीं तो आगे चलकर बहुत परेशानी हो जाएगी। बोर्ड परीक्षाएं भी 1 मार्च से प्रारंभ होने वाली हैं प्रशासन को शीघ्रता से इसका निराकरण करना चाहिए।

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