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भोपाल में होगा बुंदेली महोत्सव, हटा की प्रतिभाएं दिखाएंगी जौहर

आज जब सांस्कृतिक विरासत, रीति परंपरा, संस्कृति पर लोग प्रहार कर रहे हैं उस स्थिति में हटा जैसे छोटे कस्बा में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 23, 2018, 03:05 AM IST

आज जब सांस्कृतिक विरासत, रीति परंपरा, संस्कृति पर लोग प्रहार कर रहे हैं उस स्थिति में हटा जैसे छोटे कस्बा में बुंदेली लोक संस्कृति को बचाने का प्रयास बुंदेली मेला में माध्यम से किया जा रहा है जो सराहनीय है।

बुंदेली धरती महराजा छत्रसाल जैसे वीर योद्धाओं की कर्मभूमि रही है। जिन्होंने अागामी पीढ़ी को संदेश दिया कि हम न तो हार सकते हैं न ही झुक सकते हैं। यह मेला भी ऐसा कुछ संदेश देता है। ऐसे आयोजनों के लिए सदैव सहयोग किया जाएगा। यह बात बुंदेली मेला के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि नगरीय प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव एवं प्रणाम मध्यप्रदेश के संयोजक राजीव शर्मा ने विशाल जन समुदाय के समक्ष कही। श्री शर्मा ने कहा कि हटा की ही समस्त प्रतिभाओं को लेकर प्रणाम मध्यप्रदेश द्वारा भोपाल में बुंदेली महोत्सव का आयोजन करेगा।

इस मौके पर नवोदय विद्यालय की छात्राओं ने स्वागतगीत एवं समूह छत्तीसगढ़ी नृत्य प्रस्तुत किया। बुंदेली लोकनृत्य राई की प्रस्तुती हुई। अतिथि स्वागत उपरांत मेला संयोजक पुष्पेंद्र सिंह हजारी ने 12 वर्ष से सीमित संसाधनों के माध्यम से आयोजित हो रहे मेला की आवश्यकता एवं उसकी सफलता के बारे में बताया। विशिष्ट अतिथि विधायक ने बुंदेली परंपरा, बोली, संस्कृति को भारत की सबसे प्यारी परंपरा को बताया। अतिथियों द्वारा बुंदेली दरसन पत्रिका का विमोचन भी किया। इन्होंने की सहभागिता: इस अवसर पर संतोष भारती, नंदलाल, नीरज गुप्ता, डा. मनमोहन पांडे, नगर पालिका अध्यक्ष अरूणा मोहन तंतुवाय, उपाध्यक्ष ब्रजेश दुबे, डाइट व्याख्याता मनोज जैन, मनीष चौरसिया, रामनाथ राय, जगन्नाथ पटेल सहित समस्त पार्षद एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थ्ति रहे। वहीं रात्रिकालीन आयोजन में मप्र युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुनाल चौधरी उपस्थित रहे। देर रात तक लोकनृत्य राई के साथ सुप्रसिद्ध भजन गायक मनीष अग्रवाल के द्वारा भजनों की प्रस्तुती दी गई। अंतिम दिन मेला में देर रात्रि तक भक्तों की भीड़ उमड़ी रही।

हटा। बुंदेली महोत्सव के दौरान राई नृत्य की प्रस्तुति देतीं कलाकार। देर रात तक लोकनृत्य राई के साथ सुप्रसिद्ध भजन गायक मनीष अग्रवाल के द्वारा भजनों की प्रस्तुती दी गई। अंतिम दिन मेला में देर रात्रि तक भीड़ उमड़ी रही।

भास्कर संवाददाता | हटा

आज जब सांस्कृतिक विरासत, रीति परंपरा, संस्कृति पर लोग प्रहार कर रहे हैं उस स्थिति में हटा जैसे छोटे कस्बा में बुंदेली लोक संस्कृति को बचाने का प्रयास बुंदेली मेला में माध्यम से किया जा रहा है जो सराहनीय है।

बुंदेली धरती महराजा छत्रसाल जैसे वीर योद्धाओं की कर्मभूमि रही है। जिन्होंने अागामी पीढ़ी को संदेश दिया कि हम न तो हार सकते हैं न ही झुक सकते हैं। यह मेला भी ऐसा कुछ संदेश देता है। ऐसे आयोजनों के लिए सदैव सहयोग किया जाएगा। यह बात बुंदेली मेला के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि नगरीय प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव एवं प्रणाम मध्यप्रदेश के संयोजक राजीव शर्मा ने विशाल जन समुदाय के समक्ष कही। श्री शर्मा ने कहा कि हटा की ही समस्त प्रतिभाओं को लेकर प्रणाम मध्यप्रदेश द्वारा भोपाल में बुंदेली महोत्सव का आयोजन करेगा।

इस मौके पर नवोदय विद्यालय की छात्राओं ने स्वागतगीत एवं समूह छत्तीसगढ़ी नृत्य प्रस्तुत किया। बुंदेली लोकनृत्य राई की प्रस्तुती हुई। अतिथि स्वागत उपरांत मेला संयोजक पुष्पेंद्र सिंह हजारी ने 12 वर्ष से सीमित संसाधनों के माध्यम से आयोजित हो रहे मेला की आवश्यकता एवं उसकी सफलता के बारे में बताया। विशिष्ट अतिथि विधायक ने बुंदेली परंपरा, बोली, संस्कृति को भारत की सबसे प्यारी परंपरा को बताया। अतिथियों द्वारा बुंदेली दरसन पत्रिका का विमोचन भी किया। इन्होंने की सहभागिता: इस अवसर पर संतोष भारती, नंदलाल, नीरज गुप्ता, डा. मनमोहन पांडे, नगर पालिका अध्यक्ष अरूणा मोहन तंतुवाय, उपाध्यक्ष ब्रजेश दुबे, डाइट व्याख्याता मनोज जैन, मनीष चौरसिया, रामनाथ राय, जगन्नाथ पटेल सहित समस्त पार्षद एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थ्ति रहे। वहीं रात्रिकालीन आयोजन में मप्र युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुनाल चौधरी उपस्थित रहे। देर रात तक लोकनृत्य राई के साथ सुप्रसिद्ध भजन गायक मनीष अग्रवाल के द्वारा भजनों की प्रस्तुती दी गई। अंतिम दिन मेला में देर रात्रि तक भक्तों की भीड़ उमड़ी रही।

100 से अधिक बुंदेली व्यंजन बनाए

मेला अधिकारी ज्योति ठाकुर एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रियंका झारिया की अगुवाई में अतिथि बुंदेली व्यंजन मेला देखने पहंुचे। जहां 345 महिलाओं के द्वारा 100 से अधिक प्रकार के व्यंजन तैयार किए गए थे। अतिथियों ने व्यंजन का स्वाद चखकर सभी प्रतिभागियों का उत्साह वर्धन किया। इस अवसर पर व्यंजन मेला प्रभारी सुधा सेन, संजना बजाज, निवेदिता दुआ, कल्पना जैन, संध्या जैन, मनीषा दुबे, सिंधुबाला जैन, सरोज रानी मोदी के साथ अनिल ताम्रकार, लखन मोदी ने पांच दिन से चले आ रहे बुंदेली व्यंजन मेला की जानकारी अतिथियों को दी। अतिथि की बिदाई चुलिया डलिया वाहन में रखकर की गई।

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