Hindi News »Madhya Pradesh »Hata» पल्स पोलियाे अभियान के लिए समाजसेवियों ने लिया संकल्प

पल्स पोलियाे अभियान के लिए समाजसेवियों ने लिया संकल्प

ब्लॉक हटा के समस्त गांव में आशा कार्यकर्ता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारियों की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 11, 2018, 03:25 AM IST

पल्स पोलियाे अभियान के लिए समाजसेवियों ने लिया संकल्प
ब्लॉक हटा के समस्त गांव में आशा कार्यकर्ता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से उत्पन्न स्थिति में यह राष्ट्रीय जन हितैषी कार्यक्रम प्रभावित न हो सुचारु रुप से संपन्न कराने के लिए समाजसेवियों ने कमर कसी है। अन्य विभाग के कर्मचारियों स्कूल कॉलेज के छात्र बीएसडब्ल्यू के छात्र समाज सेवा से जुड़े संगठन तथा समाज सेवा करने के इच्छुक शिक्षित नौजवानों ने शनिवार को सिविल अस्पताल के सभागार में प्रण किया है कि एक भी बच्चा ना छूटे और सुरक्षा चक्र न टूटे के तहत हम सब मिलकर काम करेंगे और इस जन स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा कार्य हड़ताल की भेंट नहीं चढ़ने देंगे।

इस कार्यक्रम में सीबीएमओ ने सभी ग्राम वासियों से अपील की है कि इस विषम परिस्थितियों में आप भी अपने नवजात से लेकर 5 वर्ष तक के बच्चों को हर परिस्थिति में बूथ पर लाकर पल्स पोलियो की दो बूंद अपनी नैतिक जिम्मेदारी से पिलाएं। अगर एक बच्चा छूट जाता है तो सुरक्षा चक्र टूट जाता है। प्रशिक्षण में मुख्य प्रशिक्षक अरविंद नेमा तथा बुद्दन तंतुवाय ने बताया कि जो भी पल्स पोलियो अभिकर्ता बनेगा, वह मुख्य रुप से पिलाने वाली दो बूंद दवा की शीशी पर बने मानीटर का विशेष ध्यान रखेंगे। जिसकी चार अवस्थाएं तापक्रम आधारित होगी, प्रथम में मॉनिटर के अंदर का चौकोर निशान सफेद रहेगा द्वितीय में हल्का सफेद या मटमैला होगा, ऐसी परिस्थिति में दो बूंद दवा पिलाई जानी है। तीसरी स्थिति मॉनिटर का चौकोर निशान वाली या गोला के रंग में मिल जाएगा तथा चौथे में काला पड़ जाएगा।दवा पिलाने की मुहिम रविवार से प्रारंभ होने जा रही है। हड़ताल के चलते इस बार सबसे बड़ा चैलेंज पोलियाे की दवा बच्चों को पिलाने की है। हड़ताल के कोई भी एएनएम, आशा कार्यकर्ता और संविदा स्टाफ इस मुहिम में नहीं जुड़ रहा है। ऐसे में समाजसेवियों ने आगे आकर इस मुहिम को पूरा करने का संकल्प लिया है।

हटा। अभियान को सफल बनाने समाजसेवियों ने कसी कमर।

14 मार्च को घर-घर जाकर खिलाई जाएगी दवा

जबेरा। राष्ट्रीय फाईलेरिया दिवस 14 मार्च को डीईसी दवा वितरण के लिए जबेरा सीएचसी में पैरामेडीकल स्टाफ का प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर सीबीएमओं डाॅ. डीके राय जिला मलेरिया अधिकारी यामनी सिलापुरिया मौजूद रहीं। मलेरिया इंपेक्टर लालचंद जैन के द्वारा सेक्टर सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसके बाद फील्ड के आंगनबाड़ी आशा कार्यकर्ताओं प्रशिक्षित सुपरवाइजर प्रशिक्षण देगें।

श्री जैन ने बताया कि फाईलेरिया दिवस पर 450 कार्यकर्ता व 45 सुपरवाइजर घर घर जाकर दवा का सेवन करवाएंगे। जिसमंें तुरंत दवा का सेवन करने पर दवा का असर लाभदायक होगा। इस रोग का असर 6 से सात साल तक रहता है। जिसके चलते वर्ष में एक बार निरंतर 6 वर्ष तक दवा का सेवन करने से रोग खत्म हो जाता है। यह दवा दो वर्ष से छोटे बच्चे गर्भवती माता गंभीर रुप से बीमार बुजुर्ग को नहीं देना न ही सेवन करना है। जिसमें दवा का सेवन एक गोली 6से 14 दो गोली उपर तीन गोली के साथ एक टेवलेट कृमिनाशक की देना है। जनपद जबेरा में हाथ पांव के पुराने पांच रोगी होने के साथ हाथ पांव की बीमारी के लक्षण पाए जाते हैं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Hata

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×