--Advertisement--

पानी जैसी पतली सब्जी के साथ परोस रहे दो रोटियां

आलू के साथ बेगन की सब्जी में सिमट गया मध्यान्ह भोजन भास्कर संवाददाता| मड़ियादो सरकारी स्कूलों में बच्चों को...

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2018, 04:40 AM IST
आलू के साथ बेगन की सब्जी में सिमट गया मध्यान्ह भोजन

भास्कर संवाददाता| मड़ियादो

सरकारी स्कूलों में बच्चों को बंटने वाले मध्यान्ह भोजन योजना में लापरवाही बरती जा रही है। स्कूलों में कुपोषण रोकने के साथ बच्चों को स्वादिष्ट भोजन देकर उपस्थिति बढ़ाने के मकसद से शुरू की गई मध्यान्ह भोजन योजना केवल स्वसहायता समूह संचालकों की कमाई का जरिया बनी हुई है। जबकि बच्चे अब इस योजना से दूर भागते जा रहे हैं। क्योंकि बच्चों को दो रोटियों के साथ पानी सी पतली दाल और तड़के लगे पानी की सब्जी खाने दी जा रही है। कई स्कूलों में तो वह भी नसीब नहीं होती। कहीं सूखी रोटी तो कहीं यदाकदा मध्यान्ह भोजन मिल रहा है। जबकि स्वसहायता समूहों को स्कूल में दर्ज संख्या के मान से भोजन का भुगतान किया जा रहा है। वहीं स्कूलों में आधे बच्चे भी नहीं आते। ऐसे में अनुपस्थित बच्चों के भोजन की राशि स्व सहायता समूहों की जेब में जा रही है।

क्षेत्र के बर्धा, पोड़ी, झोदा, इमलिया, जामुनझिरियां, एमएस मलवारा, तिंदनी, कनकपुरा के समूह संचालक लगातार एडीएम में गुणवत्ता में अनदेखी कर रहे हैं। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद भी गड़बड़ी सामने आने के बाद भी समूह संचालकों पर कार्रवाई नहीं होने से इनके हौंसले और बुलंद हो रहे हैं जिसका खामियाजा विद्यार्थी भुगतने मजबूर हैं।

की जाएगी कार्रवाई


यहां दो स्कूलों में एक ही समूह का कब्जा

जनपद शिक्षा केंद्र हटा के प्राइमरी व मिडिल स्कूल बछामा में पीएस और एमएस में कुरैशी स्व सहायता समूह के द्वारा मनमानी से बच्चों को भोजन दिया जा रहा है। ऐसा ही हाल बछामा ग्राम पंचायत के उदयपुरा और मदनपुरा स्कूल में है। यहा आलू और बेगन की सब्जी तक मीनू सिमट कर रह गया है। नियमानुसार मिडिल व प्राइमरी स्कूल में अलग-अलग समूहों को एडीएम की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।

X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..