Hindi News »Madhya Pradesh »Hata» ग्रीनबेल्ट की कॉलोनियां नहीं होंगी वैध,अब 1000 मकानों पर संकट

ग्रीनबेल्ट की कॉलोनियां नहीं होंगी वैध,अब 1000 मकानों पर संकट

जिला प्रशासन, नगर निगम ने नगरीय सीमा में आने वाली अवैध कालोनियों को वैध करने की प्लानिंग शुरू कर दी है। इसमें केवल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 04:40 AM IST

ग्रीनबेल्ट की कॉलोनियां नहीं होंगी वैध,अब 1000 मकानों पर संकट
जिला प्रशासन, नगर निगम ने नगरीय सीमा में आने वाली अवैध कालोनियों को वैध करने की प्लानिंग शुरू कर दी है। इसमें केवल उन्हीं अवैध काॅलोनियों को वैध किया जाएगा, जो 31 दिसंबर 2016 के पहले काटी गई हैं। इनका वेल्युएशन वहां हुए पहले निर्माण के आधार पर कराया जाएगा।

खास बात यह है कि इनमें उन कालोनियों को शामिल नहीं किया जाएगा, जो ग्रीन बेल्ट और पीएसपी (आमोद प्रमोद) के लिए आरक्षित जमीन पर काटी गई हैं। सरकार के इस फार्मूले के चलते अब ग्रीन बेल्ट में बन चुके 1000 से ज्यादा मकानों पर अब संकट और बढ़ जाएगा, क्योंकि ऐसे निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ऐसी कालोनियों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर पहले ही रोक लगा चुका है। नगरीय सीमा में प्रशासन और नगर निगम के सर्वे में 31 दिसंबर 2016 की 359 अवैध कालोनियों की सूची बनाई गई है। हालांकि अभी इनका परीक्षण किया जाएगा कि वैध करने के दायरे में कौन-कौन सी कालोनियां आ रही है। नगर परिषद की सीमा में काटी गई कालोनियों के लिए कलेक्टर नोटिस जारी करेंगे। सबसे बड़ी परेशानी पंडापुरा, बाघराज, तिली, पिपरिया में ग्रीन बेल्ट और कनेरा देव में पीएसपी (आमोद-प्रमोद) के लिए आरक्षित जमीन पर काटी गई कालोनियों में बसे रहवासियों के लिए है। इस क्षेत्र की कॉलोनियों को वैध नहीं किया जाएगा, भले वो सरकार की तय तिथि 31 दिसंबर 2016 के पहले ही क्यों न बनी हो। निष्कर्ष यह है कि इन कालोनियों में कॉलोनाइजर से जमीन खरीदकर मकान बना चुके रहवासी अब पूरी तरह से उलझ चुके हैं। प्रशासन के नियमों के अनुसार ऐसे निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। अपनी पूरी पूंजी लगाकर मकान बना चुके लोगों के सामने अब कोर्ट की शरण में जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि अगर कोई बैकडोर से दोनों लैंड में बसी कालोनियों को वैध कराने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भास्कर संवाददाता|सागर

जिला प्रशासन, नगर निगम ने नगरीय सीमा में आने वाली अवैध कालोनियों को वैध करने की प्लानिंग शुरू कर दी है। इसमें केवल उन्हीं अवैध काॅलोनियों को वैध किया जाएगा, जो 31 दिसंबर 2016 के पहले काटी गई हैं। इनका वेल्युएशन वहां हुए पहले निर्माण के आधार पर कराया जाएगा।

खास बात यह है कि इनमें उन कालोनियों को शामिल नहीं किया जाएगा, जो ग्रीन बेल्ट और पीएसपी (आमोद प्रमोद) के लिए आरक्षित जमीन पर काटी गई हैं। सरकार के इस फार्मूले के चलते अब ग्रीन बेल्ट में बन चुके 1000 से ज्यादा मकानों पर अब संकट और बढ़ जाएगा, क्योंकि ऐसे निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ऐसी कालोनियों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर पहले ही रोक लगा चुका है। नगरीय सीमा में प्रशासन और नगर निगम के सर्वे में 31 दिसंबर 2016 की 359 अवैध कालोनियों की सूची बनाई गई है। हालांकि अभी इनका परीक्षण किया जाएगा कि वैध करने के दायरे में कौन-कौन सी कालोनियां आ रही है। नगर परिषद की सीमा में काटी गई कालोनियों के लिए कलेक्टर नोटिस जारी करेंगे। सबसे बड़ी परेशानी पंडापुरा, बाघराज, तिली, पिपरिया में ग्रीन बेल्ट और कनेरा देव में पीएसपी (आमोद-प्रमोद) के लिए आरक्षित जमीन पर काटी गई कालोनियों में बसे रहवासियों के लिए है। इस क्षेत्र की कॉलोनियों को वैध नहीं किया जाएगा, भले वो सरकार की तय तिथि 31 दिसंबर 2016 के पहले ही क्यों न बनी हो। निष्कर्ष यह है कि इन कालोनियों में कॉलोनाइजर से जमीन खरीदकर मकान बना चुके रहवासी अब पूरी तरह से उलझ चुके हैं। प्रशासन के नियमों के अनुसार ऐसे निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। अपनी पूरी पूंजी लगाकर मकान बना चुके लोगों के सामने अब कोर्ट की शरण में जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि अगर कोई बैकडोर से दोनों लैंड में बसी कालोनियों को वैध कराने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रीन वेल्ट की अवैद्ध कालोनी

अभी अवैध कॉलोनियों की सूची बना रहे हैं-

कलेक्टर आलोक सिंह का कहना है कि ग्रीन बेल्ट, पीएसपी के लिए आरक्षित जमीन पर काटी गई कालोनियों को वैध नहीं किया जाएगा। पिछले सप्ताह भोपाल की वर्कशॉप के दौरान ऐसे निर्माणों को हटाने के लिए कहा गया है। अभी केवल 31 दिसंबर 2016 में बनी हुई कालोनियों की सूची तैयार कर जांच कराई जाएगी, ताकि यह नतीजा निकल सके कि कौन-कौन सी कालोनियां वैध होने के दायरे में आ रही हैं।

भास्कर ने किया

था खुलासा

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Hata

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×