Hindi News »Madhya Pradesh »Hata» हटा के नवाेदय विद्यालय में जलसंकट, छात्र-शिक्षक परेशान

हटा के नवाेदय विद्यालय में जलसंकट, छात्र-शिक्षक परेशान

नगर का इकलौता आवासीय नवोदय विद्यालय परिसर वर्तमान में करीब एक माह से भीषण जलसंकट के दौर से गुजर रहा है। परिसर में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 22, 2018, 04:45 AM IST

नगर का इकलौता आवासीय नवोदय विद्यालय परिसर वर्तमान में करीब एक माह से भीषण जलसंकट के दौर से गुजर रहा है। परिसर में छात्रों सहित करीब 650 लोग निवास कर रहे हैं। स्कूल में छात्रों के साथ पूरे स्टाफ को भी पानी के संकट से जूझना पड़ रहा है। इस वर्ष अल्प वर्षा के कारण जमीनी जलस्तर दिसंबर से ही घटना प्रारंभ हो गया था।

वर्ष 2017 में औसत से भी कम बरसात होने के कारण जगह-जगह जल संकट के बादल अभी से मड़राने लगे हैं। जहां तहां पानी की कमी दिखाई देने लगी है। सबसे ज्यादा पानी की परेशानी का सामना नवोदय विद्यालय केंपस में देखने को मिल रहा है, जहां छात्रों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। एक अनुमान के अनुसार एक व्यक्ति को प्रतिदिन करीब 40 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। नवोदय विद्यालय परिवार ने नगर पालिका से अपने केंपस में प्रति 36 हजार लीटर पानी की मांग की है। नगर पालिका के द्वारा 28 जनवरी से केंपस में टेंकर के माध्यम से पानी सप्लाई किया जा रहा है। नगर पालिका के द्वारा जो पानी सप्लाई किया जा रहा है वह मांग के अनुसार आधा भी पानी में नहीं पहंुच रहा हैं। नगर पालिका के द्वारा कभी चार टेंकर तो कभी पांच कभी टेंकर पानी पहंुचाया जा रहा है।

एकमात्र हेंडपंप में रूक-रूककर आ रहा पानी

विद्यालय में जो जल स्त्रोत है उनका जलस्तर गिर जाने के कारण पानी की कमी आ गई है। अब नगर पालिका के टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता हैं। केंपस में इकलौता हैंडपंप ही है जो रूक रूक कर पानी निकालता है। छात्र तो अब उसी हेंडपंप के पास नहाने कपड़े धोने का कार्य करते हैं। छात्रों के अभिभावकों द्वारा विद्यालय केंपस में नया बोर करवाने की मांग प्रशासन से की है। साथ ही नई जल आवर्धन योजना से एक पृथक से लाइन नवोदय विद्यालय तक पहंुचने की बात कही। वर्तमान जल संकट को देखते हुए नगर से निकलने वाली नदी से भी सीधा पानी परिसर तक पहंुचाने का प्रयास करने को कहा है।

एकमात्र हेंडपंप में रूक-रूककर आ रहा पानी

विद्यालय में जो जल स्त्रोत है उनका जलस्तर गिर जाने के कारण पानी की कमी आ गई है। अब नगर पालिका के टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता हैं। केंपस में इकलौता हैंडपंप ही है जो रूक रूक कर पानी निकालता है। छात्र तो अब उसी हेंडपंप के पास नहाने कपड़े धोने का कार्य करते हैं। छात्रों के अभिभावकों द्वारा विद्यालय केंपस में नया बोर करवाने की मांग प्रशासन से की है। साथ ही नई जल आवर्धन योजना से एक पृथक से लाइन नवोदय विद्यालय तक पहंुचने की बात कही। वर्तमान जल संकट को देखते हुए नगर से निकलने वाली नदी से भी सीधा पानी परिसर तक पहंुचाने का प्रयास करने को कहा है।

जल्द ही की जाएगी व्यवस्था

नवोदय विद्यालय में पानी के लिए टेंकर से व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही यहां पर पेयजल की समस्या का समाधान हो जाएगा। - प्रियंका झारिया, सीएमओ

हटा। नवोदय विद्यालय में एकमात्र हैंडपंप पर नहाने के लिए खड़े छात्र। इनसेट में : बंद पड़े नल, हैंडपंप से पानी लाकर कपड़े धो रहे छात्र।

ग्रामीणों ने लगाया आरोप, कहा- सड़क निर्माण में नदी की रेत व बटैयों का किया जा रहा इस्तेमाल

भास्कर संवाददाता | पथरिया

शासन द्वारा पंचायत अधिनियम लागू कर पूरा अधिकार ग्राम पंचायतों को दिया है, लेकिन पंचायत प्रतिनिधि सरकार से मिले अधिकारों का जमकर दुरूपयोग कर रहे हैं। और शासन से मिलने वाले ग्राम विकास की राशि डकारने मे लगे हैं। ऐसा मामला ग्राम पंचायत जगथर का है, जहां पंचपरमेश्वर की राशि के तहत गांव मे दो अलग-अलग जगह लाखों रूपए की लागत से सीसी रोड बनाए गए। लेकिन यह सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं हैं।

नदी की चीप और काली मिटटी लगाई जा रही: सीसी रोड में गिट्‌टी की जगह नदी की चीप और काली रेत लगाई जा रही है। जिसको लेकर ग्रामीणों मे काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। और शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं। सरपंच की दबंगता के कारण ग्रामीण शिकायत करने से भी कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि सरपंच खुद निर्माण कार्य में गड़बड़ी कर रहे हैं जिसमें मकर लापरवाही बरती जा रही है। दरअसल ग्राम पंचायत जगथर में पंच-परमेश्वर योजना के तहत एक माह पहले ही सीसी रोड बनाना गया है, लेकिन सड़क निर्माण बेहद घटिया किया जा रहा है।

जहां पर काली रेत के साथ-साथ सीमेंट की मात्रा भी कम लगाई जा रही है। इसके साथ ही नदी की बटैयां डाली जा रही है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सरपंच सचिव खुद को लाभ पहुंचाने के लिए जमकर गड़बड़ी किया है। ऐसे में अब ग्रामीण इस सीसी रोड निर्माण को लेकर जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं सरपंच और सचिव को लगातार फोन लगाने पर उन्होंने फोन नहीं उठाया।

पथरिया। सीसी रोड़ निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की गई। इनसेट में : रेत में मिली बटैया।

कल ही दिखवाता हंू

यदि जगथर में सीसी रोड निर्माण में गड़बड़ी की गई है तो कल ही सरपंच सचिव से बात करता हूं। गड़बड़ी होने पर कार्रवाई की जाएगी। - अवधेश सिंह, सीईओ

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Hata

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×