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नोहटा में आजीविका मिशन बन रहा महिलाओं के लिए मददगार

गरीबी के चलते परिवार का भरण-पोषण करने के लिए परेशान महिलाओं के लिए अब ग्रामीण आजीविका मिशन मददगार साबित हो रहा है।...

Dainik Bhaskar

Feb 06, 2018, 04:50 AM IST
गरीबी के चलते परिवार का भरण-पोषण करने के लिए परेशान महिलाओं के लिए अब ग्रामीण आजीविका मिशन मददगार साबित हो रहा है। इसके माध्यम से समूह बनाकर महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर हो रही हैं बल्कि अपने पूरे परिवार का भरण-पोषण भी आसानी से करने लगीं हैं।

जबेरा जनपद की ग्राम पंचायत नोहटा निवासी कलाबाई के परिवार की आर्थिक हालत काफी दयनीय थी। मजदूरी के कारण घर खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा था। साथ ही बच्चों की पढ़ाई लिखाई के लिए भी परेशानी हो रही थी। इसी बीच एकता परिषद कार्यकर्ता विमला नामदेव और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जबेरा के सहयोगी दल सदस्य अनिल सिंह, ग्यान ज्योति स्वसहायता समूह की बहनो के साथ बैठक कर रहे थे। और महिलाओं को योजना से जुड़ने की जानकारी दे रहे थे।

वहीं पर बैठी कलाबाई पटेल ने सभी बातें सुनीं ओर समूह से जुड़ने की बात की, तो कला बाई को समूह से जोड़ा गया। कुछ दिन बाद कलाबाई ने समूह से कर्ज लेकर छोटा सा सब्जी का धंधा शुरू कर दिया। कलाबाई आज टोकनी में सब्जी लेकर गांव में घर-घर जाकर सब्जी बेच कर परिवार चला रही है। कला बाई का कहना है कि आजीविका मिशन हमारे लिए काफी मददगार साबित हुआ। यही कारण है कि आज वह स्वयं आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ अपने परिवार का सही तरीके से जीवन-यापन कर रही है।

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