हटा

--Advertisement--

रोजगार सहायक से दो सरपंच परेशान

एक रोजगार सहायक की कार्यप्रणाली से दो ग्राम पंचायत के कामकाज प्रभावित है। दोनों ग्राम पंचायतों के सरपंच रोजगार...

Dainik Bhaskar

Feb 06, 2018, 04:50 AM IST
रोजगार सहायक से दो सरपंच परेशान
एक रोजगार सहायक की कार्यप्रणाली से दो ग्राम पंचायत के कामकाज प्रभावित है। दोनों ग्राम पंचायतों के सरपंच रोजगार सहायक की शिकायतें करते थक चुके हैं लेकिन आला अधिकारियों से सांठगांठ के चलते रोजगार सहायक जमे हुए हैं।

रोजगार सहायक तरूण कुमार की मूूल ग्राम पंचायत निवास है, लेकिन निवास सचिव के स्थानांतरण के अलावा ग्राम पंचायत कनकपुरा में सरपंच के निलंबन के बाद रोजगार सहायक को प्रभार सौंप दिया गया था। ग्राम पंचायत कनकपुरा में 10 जनवरी को रामकिशुन मिश्रा का स्थानांतरण होने के बाद 13 जनवरी को प्रभार भी हो गया था, लेकिन उन्हें वित्तीय अधिकार जनपद से अब तक प्राप्त नहीं हुए। रोजगार सहायक और सरपंच की अनबन के कारण ग्राम पंचायत निवास में विकास कार्य रूके हुए हैं।

सचिव मनोज तिवारी के स्थातांरण के बाद रोजगार सहायक तरूण कुुुुमार गर्ग के पास वित्तीय अधिकार हैं। सरपंच अमोल सिंह राजपूत का कहना है कि रोजगार सहायक द्वारा प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्य में हितग्राही के कार्य में संलग्न मजदूरों के नाम मस्टर न निकालते हुए अपने पक्ष के मजदूरों के नाम से मस्टर निकाल कर भुगतान किया है। जिससे वास्तविक मजदूर भुगतान के लिए भटक रहे हैं। सरपंच का आरोप है कि मस्टर पर अंकित भुगतान आदेश पर सरपंच के हस्ताक्षर नहीं कराए। इसी प्रकार सरपंच के अधिकारों का हनन करते हुए फर्जी भुगतान कर लाखों रूपए की हेराफेरी की है। जिसकी शिकायत समीक्षा बैठक में सीईओ हटा से की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

इसके अलावा ग्राम में पात्र हितग्राहियों का शौचालय बनवाकर आपात्र व्यक्तियों को भुगतान कर दिया, जिससें पात्र हितग्राही राशि से वंचित हैं। इसके अलावा शौचालय निर्माण में हितग्राहियों से एक एक हजार रूपए कमीशन लिया जाता है जो गलत है। जिन हितग्राहियों ने कमीशन नहीं दिया उनके शौचालय के लिए डिमांड आज तक भेजी गई। सरपंच अमोल सिंह का कहना है शिकायत मुख्यमंत्री से की है। रोजगार सहायक के द्वारा फर्जी भुगतान के संबंध में जिला स्तर से जांच कमेटी बनाकर संविदा समाप्त करने की मांग की है।

ग्राम पंचायत निवास में लटका ताला।

एक दर्जन विधवा महिलाओं का पेंशन व राशन बंद

भास्कर संवाददाता| जबेरा

जनपद जबेरा की गुबरा कला पंचायत की कालोनी मुहल्ला में रहने वाले ग्रामीणों को शासन की संचालित योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। कालोनी में रहने वाली दस महिलाएं ऐसी हैं जो विधवा होने के 9 महीने बाद भी पेंशन से वंचित हैं और खाने के किए मिलने वाली राशन सामग्री भी नहीं मिल रही। जिससे उन्हें अपने बच्चों को दो वक्त की रोटी भी जुटाना मुश्किल हो गया है।

जानकारी के अनुसार विधवा पिंकी झारिया के पति को खत्म हुए 4 वर्ष हो गए हैं, घर की छत बारिश में गिरे पेड़ के कारण टूट गई। अब दो बच्चों को पालने के लिए न तो शासन से घर का क्षतिपूर्ति मुआवजा मिला, न विधवा पेंशन और न ही खाने के लिए खाद्यान मिल रहा है। जिससे गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही पिंकी को अपने दो बच्चों को दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो गया है।

पिंकी ने बताया कि उसके पति चार वर्ष पूर्व बीमारी के चलते निधन हो गया था। जिससे दो बच्चों के साथ जिस घर में रहती थी। जून माह की बारिश में विशालकाय पेड़ गिरने की बजह से मकान जमीनदोज हो गया और बच्चों को पालने के लिए गांव में मजदूरी भी नहीं मिल रही है। इन मुश्किल हालातों में शासन के द्वारा न तो क्षतिपूर्ति राशि दी गई न ही विधवा पेंशन दी जा रही है। पात्रता पर्ची बनवाने के नाम पर राशन कार्ड भी ग्राम पंचायत ने रख लिया है और 9 माह से राशन का अनाज भी नही मिल रहा है।

इसी तरह अन्य विधवा रामरानी आदिवासी सहित अन्य महिलाओं को भी विधवा पेंशन राशन नहीं मिल रहा है। फागू झारिया ने बताया कि बारिश में गिरे मकान का क्षतिपूर्ति मुआवजा के लिए तहसीलदार के चक्कर काटते काटते जूते घिस गए हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। हालही में आम आदमी पार्टी के द्वारा चलाए जा रहे बदलेंगे मप्र अभियान के तहत गुबरा कला पहुंचे विधान सभा प्रभारी को विधवाओं न बताया कि विधवा पेंशन के लिए ग्राम पंचायत के अनेकों बार चक्कर काट चुकी हैं। लेकिन सचिव सरपंच हम गरीबों की कोई समस्या सुनने को तैयार नहीं हैं। शासन की एक भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

की जाएगी कार्रवाई


X
रोजगार सहायक से दो सरपंच परेशान
Click to listen..