Hindi News »Madhya Pradesh »Hata» हजारों फीट ऊंचाई पर विराजमान हनुमान जी के चमत्कारों से अभिभूत है वंशीपुर

हजारों फीट ऊंचाई पर विराजमान हनुमान जी के चमत्कारों से अभिभूत है वंशीपुर

जबेरा क्षेत्र के सिंगौरगढ़ को एक पहाड़ी किले के नाम से जाना जाता है, जो एक बड़े तालाब के एक कोने पर स्थित था तालाब चारों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 08, 2018, 05:00 AM IST

जबेरा क्षेत्र के सिंगौरगढ़ को एक पहाड़ी किले के नाम से जाना जाता है, जो एक बड़े तालाब के एक कोने पर स्थित था तालाब चारों से ओर से गोलाकार पर्वत श्रंखला से घिरा हुआ था। जिसका निकास वंशीपुर टापू से था। जिसके निशान वंशीपुर टापू पर बनी सीढ़ीनुमा आकृति के रूप में मिलते हैं। दरअसल वंशीपुर में हजारों फीट की ऊंचाई पर टापू पर प्राचीन मड़िया है जिसमें विराजमान हनुमान जी के चमत्कारों से वंशीपुर अभिभूत है।

बताया जाता है इस टापू के शिखर पर एक अति प्राचीन मडिया है जिसमें पर्वत धारण किए हनुमान जी की प्रतिमा है। यह प्रतिमा कितने समय से विराजमान है इतिहासकार भी इस सच्चाई को नहीं जानते। न ही किसी भी इतिहास के पन्नों पर संकट मोचन प्रतिमा का उल्लेख है। लेकिन 15वीं शताब्दी के पूर्व भी यहां पर गौंडराजा सग्रामशाह उनके पुत्र दलपतशाह व उनकी पत्‍‌नी बीरांगना रानी दुर्गावती अपने राजपाट की रक्षा की मंगलकामना के साथ यहां पर पूजन करने के लिए आती थीं। और गोलाकार पर्वत श्रंखला से घिरे राजपाट की निगरानी के लिए यह वंसीपुर टापू राजपाट के आखरी छोर निकास पर स्थिति था।

ग्राम के चरण सिंह बताते हैं दो दशक पूर्व में जब हनुमान जी की मडिया का मुख्यद्वार पूर्व दिशा में था तो मडिया से मंदिर निर्माण के बाद सैकडों बार आसमान से गिरी बिजली से नवीन निर्माण क्षतिग्रस्त हो जाता था और यह प्रक्रिया सैकडों बार मडिया से मंदिर निर्माण के बाद बिजली गिरने की चलती रही और मडिया से मंदिर नहीं बन पाया। लेकिन दो दशक पूर्व में सन् 1995 में संत बलबंत गिरी जी संन्यासी को ईश्वर की प्रेरणा से मडिया का मुख्य द्वार पूर्व से पश्चिम में करने के बाद मडिया पर मंदिर निर्माण ग्रामवासियों के सहयोग से करवाया गया तो दो दशक से मंदिर सुरक्षित खडा़ है। जिस पर बिजली नहीं गिरी है और यहां पर अखंड रामायण पाठ पर्व व नववर्ष की शुरूवात में जन सहयोग से महीनों महीनों चलता रहता था और सिद्ध पावन धाम वंसीपुर टापू के संकट मोचन मंदिर में विराजमान हनुमान जी कि सिद्ध प्रतिमा लोगों के सभी मनोरथ सिद्ध करती हुई संकटों का हरण करती चली आ रही है।

सैनिक करते थे निगरानी

जहां सैनिक टुकडियां वंसीपुर टापू से अपने सौ किमी के क्षेत्रफल की निगरानी के लिए बहुपयोगी मनाते थे क्योंकि वंसीपुर टापू के शिखर से सिंगौरगढ़ से लेकर आभाना नोहटा तेजगढ सौ से अधिक किमी की गतिविधियों पर निगरानी के साथ साथ संकेतक चोटी के रुप में किया जाता था। साथ ही हजारों फीट ऊंची पर्वत श्रंखला वंसीपुर टापू से शिखर पर से प्राकृतिक सौंदर्य का विहंगम दृश्य दिखाई देता है जहां से सौ किमी की दूरी पर जहां तक नजर जाती है प्राकृतिक सौंदर्य के साथ साथ गांव गांव की बसाहट दिखाई देती है। जिसमें वंसीपुर गांव इस टापू के नीचे चाहुओर बसा हुआ है। जानकारी अनुसार टापू पर हनुमान जी की मडिया पर दो दशक पूर्व सैकडों बार गिरी बिजली से नुकसान नहीं पहुंचा पाई।

India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Hata News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: hazaaron fit oonchaaee par viraajmaan hnumaan ji ke chmtkaron se abhibhut hai vnshipur
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Hata

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×