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नदी को कैसे संरक्षित रखा जाए ताकि पानी का स्तर स्थिर हो जाए: एसडीएम

नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गिरते जलस्तर एवं जल संकट की स्थिति को देखते हुए एसडीएम नारायण सिंह ने सभी विभाग...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 05, 2018, 05:15 AM IST

नदी को कैसे संरक्षित रखा जाए ताकि पानी का स्तर स्थिर हो जाए: एसडीएम
नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गिरते जलस्तर एवं जल संकट की स्थिति को देखते हुए एसडीएम नारायण सिंह ने सभी विभाग प्रमुख, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिकों की एक बैठक एसडीएम कार्यालय में बुलाई जिसमें नदी के जल को कैसे संरक्षित रखा जाए ताकि पानी का स्तर नदी में स्थिर हो जाए। इसके लिए सार्वजनिक प्रयास करने के लिए सभी के सुझाव मांगे गए। बैठक में उपस्थित सभी ने नदी एवं क्षेत्र के बड़े नालों पर श्रृंखलाबद्ध स्टापडेम निर्माण एवं नदी, नालों, तालाबों में जमी सिल्ट को वहां से हटाने की बात कही।

पूर्व विधायक डा. विजय सिंह राजपूत ने कहा कि पानी को लेकर सरकार की जो योजना है, पानी को रोकने एवं तालाबों के गहरीकरण जैसे कार्यो के लिए जारी की गई राशि का सही तरीका से उसका सदुपयोग हो जाए तो बहुत कुछ जल संकट से उबर सकते हैं। समाजसेवी डा. सीएल नेमा ने कहा कि आज जिस हालात में सुनार नदी पहुंच गई है उसे देखते हुए लगता है कि नदी अब हमारे बीच कुछ वर्षों की मेहमान है, आज नहीं जागे तो कल पानी के लिए भटकना पड़ेगा। नदी के लिए सकारात्मक पहल की आवश्यकता है। इसमें प्रशासनिक सहयोग भी जरूरी है। डा. विजय बजाज ने नदी में जमा पत्थर, सिल्ट को अलग करके नदी के गहरीकरण करने की बात कही। मनोज जैन ने नदी के मार्ग पर जो प्राकृतिक स्टापडेम बने हैं उस पर छैनी हथौड़ा चलने का परिणाम बताया कि जलस्तर यहां से घट गया है।

हरिराम पांडे ने कहा कि प्रशासन के द्वारा जिस सहयोग की बात कही जाती है वह उससे विमुख हो जाता है। गत वर्ष कुआं बावड़ी सफाई के दौरान कुआं बावड़ी में हैंडपंप लगाने की बात कही गई थी, जो आज तक पूरी नहीं हो सकी। संदीप राय ने ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में हो रहे जल संकट से सबको अवगत कराते हुए बताया कि पीएचई विभाग के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जल की स्थिति के जो आंकड़े जिला एवं प्रशासनिक बैठकों में पेश किए जा रहे हैं वे पूरी तरह से झूठे एवं गलत हैं।

इन आंकड़ों की जादूगरी पूरी तरह से बंद होनी चाहिए। वास्तविक जमीनी काम होना चाहिए। जितेंद्र प्यासी, हेमंत तंतुवाय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक हैंडपंपों पर दबंगों का कब्जा है, गांव में कितने हैंडपंप हैं इसकी सूची पंचायत भवन पर सार्वजनिक होनी चाहिए एवं अतिक्रमण वाले हैंडपंप गरीबों के कब्जा में देना चाहिए। गौशाला प्रभारी दीपक सोनी ने पीएचई एसडीओ पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएचई का सामान बाजार में आम दुकान की तरह बिक रहा है। एक पाइप अभी दो सौ रूपए में खरीद कर बैठक में प्रस्तुत कर सकते हैं। चंद्रभान पटेल ने कहा कि सारा सरकारी अमला भाजपा सरकार को बदनाम करने में लगा हुआ है। विधायक उमादेवी खटीक ने बिगड़ती पानी की स्थिति को देखते हुए सभी से नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते पानी के प्रति अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभाई तो उसे यहां रहने का हक भी नहीं है।

हटा। बैठक में चर्चा करते गणमान्य नागरिक।

हैंडपंपों को अतिक्रमण से मुक्त कराएंगे

एसडीएम नारायण सिंह ने कहा कि नदी जमी सिल्ट को हटाने की अनुमति प्रदान की जाएगी। जिन लोगों ने सार्वजनिक हैंडपंपों पर कब्जा किया है उसे अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। बैठक में तहसीलदार ज्योति ठाकुर, जनपद पंचायत सीईओ आरके चौबे, नगर पालिका सीएमओ प्रियंका झारिया, समस्त नायब तहसीलदार, जनप्रतिनिधि, सरकारी ठेकेदार, समाजसेवी आदि उपस्थित रहे।

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Web Title: नदी को कैसे संरक्षित रखा जाए ताकि पानी का स्तर स्थिर हो जाए: एसडीएम
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