--Advertisement--

जाप प्रभु के नाम का भव से पार लगाए: आचार्य

नगर में चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ के चौथे दिन नित्य महापूजन अभिषेक शांति धारा के साथ...

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2018, 05:45 AM IST
नगर में चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ के चौथे दिन नित्य महापूजन अभिषेक शांति धारा के साथ विधान प्रारंभ हुआ। जिसमें सैकड़ों की संख्या में इंद्र-इंद्राणी ने पूजन किया। विधान के अवसर पर आचार्यश्री आर्जव सागर महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि प्रभु नाम का जप करने से व्यक्ति को आत्म शांति मिलती है एवं मुक्ति भी मिलती है। आचार्यश्री ने कहा जो व्यक्ति व्यसनों में लिप्त रहता है उसके मुखारविंद से ईश्वर का नाम लेने के बावजूद भी ईश्वर उस पर प्रसन्न नहीं होते हैं। सच्ची श्रद्धा एवं भक्ति के साथ भगवान का नाम स्मरण कर भव को पार लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ध्यान का हमारे धर्म एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से बड़ा ही महत्व है। ध्यान तल्लीनता पूर्वक किसी शांत स्थान पर ही लगाना चाहिए, जहां शोरगुल हो एवं ध्यान भंग होने की संभावना हो ऐसे स्थान पर ध्यान नहीं लगाना चाहिए।

संगीतमय नाटक की हुई प्रस्तुति

संध्याकालीन आरती के पश्चात ब्रह्मचारी संजय भैया कटंगी के शास्त्र प्रवचन हुए एवं अंशुल टीकमगढ़ एवं उनकी पार्टी के द्वारा श्रीपाल मैना सुंदरी नाटक पर संगीतमय नाटक की सुंदर प्रस्तुति दी गई। आचार्यश्री की आहार चर्या का सौभाग्य सौरभ जैन को प्राप्त हुआ। समिति के कबीश सिंघई ने बताया कि विधान में प्रतिदिन दोगुनी संख्या में अर्द्ध चढ़ाए जा रहे हैं। अंतिम दिन हवन के साथ-साथ स्नेह भोज का भी आयोजन किया जाएगा।

X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..