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तालाब को संरक्षण मिले तो बढ़ जाएगा जलस्तर

नगर के गौरीशंकर वार्ड में स्थित तालाब दिनों दिन अपनी पहचान खोता जा रहा है। चार दशक पहले जिस तालाब में धार्मिक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 04, 2018, 05:45 AM IST

नगर के गौरीशंकर वार्ड में स्थित तालाब दिनों दिन अपनी पहचान खोता जा रहा है। चार दशक पहले जिस तालाब में धार्मिक अनुष्ठान के साथ सैकड़ों परिवार के लोग इसके पानी का उपयोग करते थे, आज वही तालाब अपने अस्तित्व को बचाने के लिए अंतिम सांसें ले रहा है। जानकार लोग बताते हैं कि देवश्री रामगोपालजी सरकार मंदिर के अधीन इस तालाब का कोई सही इतिहास नहीं है।

बुजुर्गों ने बताया कि इस तालाब में पहले धार्मिक अनुष्ठान के साथ रक्षाबंधन उपरांत कजुलियां का विसर्जन ज्वारें का विसर्जन सहित अनेक धार्मिक कार्यक्रम व मेला भी आयोजित किया जाता था। तालाब के घाटों की सुंदरता देखते ही बनती थी। तालाब में सदैव साफ व स्वच्छ पानी बना रहता था। तालाब की गहराई भी अच्छी खासी थी। लेकिन जब से लोगों को घर बैठे ही पानी मिलने लगा तो तभी से इन जल स्रोतों की उपेक्षा प्रारंभ हो गई। स्थानीय निवासी देवेंद्र पटेल, सुरेश पटेल ने बताया कि तालाब के कारण आसपास के हैंडपंप में जलस्तर बना रहता है। गर्मी में जैसे ही तालाब का पानी खत्म होने लगता वैसे ही जमीन का जलस्तर गिरने लगता है। नीलेश अहिरवार, नीतेश, लोकेंद्र बंसल ने बताया कि नीचे तरफ के करीब पचास घरों में आज भी कोई नल कनेक्शन नहीं हैं। निस्तार एवं अन्य खर्च के लिए इसी तालाब के पानी का उपयोग करते हैं।

कराया जाए सौंदर्यीकरण: बिन्नी बाई, लक्ष्मी बाई, भवानी, लक्ष्मीरानी अहिरवार ने बताया कि यदि तालाब के घाटों का जीर्णोद्धार करके गर्मी में इस तालाब की गहराई बढ़ा दी जाए तो पूरे वार्ड का जलस्तर बना रहेगा। संगीता बंशल, अनीता रानी, कोमल ने बताया कि तालाब के चारों ओर घाट निर्माण, लाइट, सौंदर्यीकरण बढ़ जाए तो नगरवासियों को घूमने के लिए एक स्थान मिल सकता है। उमेश सिंह, रोशन सिंह ने बताया कि इस तालाब में आज भी कई मवेशी पानी पीने आते हैं ऐसे तालाब को संरक्षण देने के लिए शासन प्रशासन को भी आगे आकर मशीनों के माध्यम से भी कार्य कराना चाहिए।

नगर की सारी बाबड़ी, तालाब एवं प्राचीन जल स्रोतों को मैने स्वयं जाकर देखा है कई स्थलों पर तो अतिक्रमण हो गया है। इन सब जल स्रोतों को जनभागीदारी से पुनर्जीवित किया जाएगा एवं उन्हें नई पहचान मिल सके। इसके लिए हर संभव कार्य किया जाएगा।- नारायण सिंह, एसडीएम

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