• Hindi News
  • Madhya Pradesh News
  • Hata News
  • मध्यान्ह भोजन से गायब हो गई दाल, सिर्फ आलू-बेगन की दी जा रही सब्जी
--Advertisement--

मध्यान्ह भोजन से गायब हो गई दाल, सिर्फ आलू-बेगन की दी जा रही सब्जी

संकुल केंद्र मड़ियादो के स्कूलों में जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण मध्यान्ह भोजन योजना मजाक बनकर रह गई है। शासन...

Dainik Bhaskar

Feb 24, 2018, 06:15 AM IST
मध्यान्ह भोजन से गायब हो गई दाल, सिर्फ आलू-बेगन की दी जा रही सब्जी
संकुल केंद्र मड़ियादो के स्कूलों में जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण मध्यान्ह भोजन योजना मजाक बनकर रह गई है।

शासन के अादेश के मुताबिक सप्ताहिक मीनू निर्धारित तो किया है, लेकिन समूह संचालकों और मध्यान्ह भोजन की मानीटरिंग करने वाले अधिकारियों की सांठगांठ से बच्चों तक मीनू के मुताबिक भोजन नहीं पहुंच रहा। बच्चों को बेस्वाद और समूह संचालकों के मन मुताबिक भोजन खाना पड़ रहा है। दरअसल स्कूलों में कुपोषण रोकने के साथ बच्चों को स्वादिष्ट भोजन देकर स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने के मकसद से शासन की एमडीएम योजना बच्चों के लिए चालू की थी, लेकिन योजना सेे स्वसहायता समूहों के अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष जिमेदार अधिकारी लाभ कमा रहे हैं। शुक्रवार संकुल केंद्र मडिय़ादो के पाठा, झोदा, इमलिया गांव के स्कूलों का जायजा लिया तो मध्यान्ह की हकीकत देखने मिली।

दोपहर 1.30 बजे मिडिल स्कूल पाठा का जायजा लिया तो स्कूल में भोजन पक रहा था। रसोईयों ने बताया कि बेगन की सब्जी बनाई जा रही है। जब मीनू के अनुसार भोजन नहीं पकाने के संबंध में जानकारी चाही गई तो उनका कहना था हमें में समूह अध्यक्ष उपलब्ध कराते हैं ्हमें उसे ही बनाते हैं। यहां के हेडमास्टर दिनेश गुप्ता ने बताया कि स्कूल में कभी दाल नहीं पकाई जाती। इस संबंध में कई बार समूह संचालक से कहा भी है लेकिन कोई असर नहीं हुआ। स्कूल में भोजन दो के बाद बच्चों तक पहुंचता है क्योंकि रसोईया हर दिन देर से स्कूल भोजन पकाने पहुंचते हैं।

इमलिया स्कूल की रसोई में रखे केवल आलू व बैगन की सब्जी से काम चलाया जा रहा है।

यहां भी आलू,बेगन तक सिमटा एमडीएम

ऐसा ही हाल झौदा और इमलिया गांव के प्राथमिक स्कूलों का है। इन दोनों स्कूल में मध्यान्ह भोजन वितरण का ठेका एक कथित नेता के हाथों में है जो अपने रसूख के चलते बच्चों के हक पर खुल कर डाका डाल रहा है। समूह संचालक की शिकायत अधिकारियों तक कई बाई की गई लेकिन कार्रवाई तो दूर जिम्मेदारों ने यहां जाकर समूह संचालकों को समझाइस देने तक की हिम्मत नहीं जुटाई। झौदा स्कूल में भोजन पकाने का काम कर रही रसोईया चंद्ररानी आदीवासी ने बताया भोजन पकाने अध्यक्ष के द्वारा हमे एक जो दिया जाता है हमें उसे ही पकाते हैं। उन्होंने बताया कि हमें ढेड साल से भोजन पकाने का मानदेय प्राप्त नहीं हुआ जिससें में स्वयं आर्थिंक तंगहाली से जूझ रही हूं।

की जाएगी कार्रवाई


खकरियाकलां में मीनू के अनुसार नहीं मिल रहा मध्यान्ह भोज

भास्कर संवाददाता। तेंदूखेड़ा

ग्राम खकरियाकला क के प्राइमरी स्कूल के छात्र-छात्राएं अनेक समस्याओं से छात्र जूझ रहे हैं। स्कूल में न तो बच्चों के लिए टाटपट्‌टी है और न ही ब्लेक बोर्ड पर लिखने के लिए चाक उपलब्ध है। बच्चों के लिए सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है। स्कूल के शौचालय में ताला लगा रहता है। कक्षा एक से पांच तक की कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की कुल संख्या 31 है। मध्यान्ह भोजन के संबंध में बच्चों ने बताया कि हमें कभी भरपेट खाना नहीं दिया जाता है। कभी एक रोटी तो कभी दो रोटी एवं थोडी सी दाल दी जाती है। आज तक कभी भी मीनू के अनुसार भोजन नहीं मिला है। सहायक अध्यापक भजन सिंह ठाकुर ने बताया कि मैं जिस कक्षा में पढ़ाता हूं उस कक्षा की ही चाबी रहती है बाकी कक्षाओं व आफिस की चाबी प्रधान अध्यापक के पास रहती है। जिससे आधा स्कूल बंद रहता हैं। तब तक बच्चे ताला लगा देखकर घर चले जाते हैं। मेरे पास एक से दो कक्षाओं के बच्चे आकर कक्षा में बैठ जाते और कक्षा तीन से कक्षा पांच के बच्चे कक्षओं में ताला लगा देखकर घर चले जाते हैंै। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत कई बार जनशिक्षक व बीआरसी से की गई, लेकिन आज कोई कार्रवाई नहीं हुई।

X
मध्यान्ह भोजन से गायब हो गई दाल, सिर्फ आलू-बेगन की दी जा रही सब्जी
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..