हटा

  • Hindi News
  • Madhya Pradesh News
  • Hata News
  • कभी भी बंद हो सकती है बनवार की नलजल योजना: बिजली विभाग ने थमाया ढाई लाख का बकाया बिल
--Advertisement--

कभी भी बंद हो सकती है बनवार की नलजल योजना: बिजली विभाग ने थमाया ढाई लाख का बकाया बिल

जबेरा जनपद की ग्राम पंचायत बनवार में ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।...

Dainik Bhaskar

Mar 14, 2018, 06:40 AM IST
जबेरा जनपद की ग्राम पंचायत बनवार में ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण गांव में संचालित नलजल योजना कभी भी बंद हो सकती है। क्योंकि बिजली विभाग का ग्राम पंचायत पर 2 लाख 66 हजार रूपए की राशि बकाया है।

हालही में विभाग द्वारा पंचायत को बिल जमा करने का नोटिस दिया है, साथ ही शीघ्र ही बिल की राशि जमा नहीं की गई तो नलजल योजना का कनेक्शन काटने की बात कही गई है। ऐसे में योजना बंद होने से पूरे गांव में पानी को लेकर हाहाकार मच जाएगा। क्योंकि ग्राम पंचायत में अकेले नलजल योजना की दस हजार की आबादी आश्रित है। ग्राम पंचायत द्वारा संचालित नल जल योजना से होने वाली आय को सरपंच द्वारा अपनी कमाई का जरिया बना लिया है। योजना के संचालन व्यवस्था पर खर्च होने वाली राशि की बात आती है तो ग्राम पंचायत के द्वारा हाथ खड़े कर दिए जाते हैं। इस अव्यवस्था का खामियाजा समूचे गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

मार्च तक का समय

इस संबंध में नोहटा बिजली विभाग के कनिष्ठ यंत्री पीके पटेल का कहना है कि बनवार वाटर सप्लाई कनेक्शन का बिजली बिल इस माह के अंत तक ग्राम पंचायत जमा नहीं करती है तो बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। क्योंकि दो वर्ष से बिजलीं बिल नहीं भरा गया है।

गर्मी नल जल योजना बंद होने से दस हजार लोगों की कैसे बुझेगी प्यास

दो साल से नहीं भरा बिजली का बिल

ग्राम पंचायत द्वारा गांव में संचालित नलजल योजना के बिजली कनेक्शन का बिल बीते दो साल से नहीं भरा गया है। जिसके कारण ग्राम पंचायत पर 2 लाख 66 हजार रूपए बिल बकाया है। विभाग का कहना है कि इस मार्च के अंत तक यह बिजलीं बिल ग्राम पंचायत के द्वारा नहीं भरा जाता तो बिजलीं कंपनी कभी भी बिजलीं बंद कर सकती है। गौरतलब हो कि बनवार नल जल की आय व व्यय का हिसाब किताब का रिकार्ड तक ग्राम पंचायत के पास नहीं है ओर न ही नलजल योजना का वार्षिक आडिट होता है। जिसका फायदा उठाकर ग्राम पंचायत घरेलू लाइन से व्यवसायिक कनेक्शन के नाम पर पांच से दस हजार की वसूली के लिए अवैध कनेक्शन में लाइन से दिए हुए है। जिससे गांव की पेयजल आपूर्ति बाधित होती रहती है।

X
Click to listen..