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उपभोक्ता को पता नहीं और बैंक से निकल गए 1 लाख 84 हजार रुपए

Dainik Bhaskar

Mar 15, 2018, 06:45 AM IST

Hata News - नगर के चंडीजी वार्ड निवासी अरूण कुमार राय पुलिस थाना हटा में आवेदन देकर सेंट्रल बैंक प्रबंधक द्वारा गबन किए जाने...

उपभोक्ता को पता नहीं और बैंक से निकल गए 1 लाख 84 हजार रुपए
नगर के चंडीजी वार्ड निवासी अरूण कुमार राय पुलिस थाना हटा में आवेदन देकर सेंट्रल बैंक प्रबंधक द्वारा गबन किए जाने की शिकायत की। आवेदन के माध्यम से बताया कि नगर के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में उसका खाता है। लेकिन बैंक प्रबंधन द्वारा 27 दिसंबर 2016 से 15 दिसंबर 2018 तक उसके खाते से 1 लाख 84 हजार रुपए की राशि निकाली थी।

इस दौरान उसने कभी लोन नहीं लिया और न ही कोई गारंटी दी गई। यह राशि पहली बार 30 हजार एवं इसके बाद 12 बार अलग-अलग तारीखों में निकाली गई। राशि आहरण के दौरान उसे बैंक से किसी भी तरह का मैसेज नहीं आया, जबकि उसका मोबाइल नंबर खाते से रजिस्टर्ड हैं। जब उसने 8 मार्च 2018 को पासबुक में एंट्री कराई तो उसके पता चला कि बैंक प्रबंधक द्वारा उसके खाते से राशि निकाल ली गई है। जिसकी सूचना ब्रांच मैनेजर को दी थी, लेकिन आज तक उन्होंने कोई संतोषजनक जबाव नहीं दिया। उन्होंने बताया कि पूर्व में 31 दिसंबर 2013 से 31 मार्च 2016 तक लगातार 5 हजार 743 रुपए काटे गए। जिसकी शिकायत करने पर बाद उक्त राशि बगैर ब्याज के वापस की गई। लेकिन बैंक प्रबंधन द्वारा अब उसके खाते से 1 लाख 84 हजार की राशि निकाल ली गई है, इस मामले में प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में बैंक प्रबंधक बीके झा का कहना है कि एक ही नाम के दो उपभोक्ता होने के कारण ऐसी त्रुटि हुई है। दूसरे उपभोक्ता द्वारा बैंक से लोन लिया गया था, जिसे चलते एक ही नाम होने के काउस बैंक से यह राशि किश्त के रूप में काटी गई है। बैंक से त्रुटि हुई है, लेकिन यह राशि वापस की जाएगी। कुछ समय लग रहा है। उपभोक्ता को घबराने की जरूरत नहीं है।

भास्कर संवाददाता| हटा

नगर के चंडीजी वार्ड निवासी अरूण कुमार राय पुलिस थाना हटा में आवेदन देकर सेंट्रल बैंक प्रबंधक द्वारा गबन किए जाने की शिकायत की। आवेदन के माध्यम से बताया कि नगर के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में उसका खाता है। लेकिन बैंक प्रबंधन द्वारा 27 दिसंबर 2016 से 15 दिसंबर 2018 तक उसके खाते से 1 लाख 84 हजार रुपए की राशि निकाली थी।

इस दौरान उसने कभी लोन नहीं लिया और न ही कोई गारंटी दी गई। यह राशि पहली बार 30 हजार एवं इसके बाद 12 बार अलग-अलग तारीखों में निकाली गई। राशि आहरण के दौरान उसे बैंक से किसी भी तरह का मैसेज नहीं आया, जबकि उसका मोबाइल नंबर खाते से रजिस्टर्ड हैं। जब उसने 8 मार्च 2018 को पासबुक में एंट्री कराई तो उसके पता चला कि बैंक प्रबंधक द्वारा उसके खाते से राशि निकाल ली गई है। जिसकी सूचना ब्रांच मैनेजर को दी थी, लेकिन आज तक उन्होंने कोई संतोषजनक जबाव नहीं दिया। उन्होंने बताया कि पूर्व में 31 दिसंबर 2013 से 31 मार्च 2016 तक लगातार 5 हजार 743 रुपए काटे गए। जिसकी शिकायत करने पर बाद उक्त राशि बगैर ब्याज के वापस की गई। लेकिन बैंक प्रबंधन द्वारा अब उसके खाते से 1 लाख 84 हजार की राशि निकाल ली गई है, इस मामले में प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में बैंक प्रबंधक बीके झा का कहना है कि एक ही नाम के दो उपभोक्ता होने के कारण ऐसी त्रुटि हुई है। दूसरे उपभोक्ता द्वारा बैंक से लोन लिया गया था, जिसे चलते एक ही नाम होने के काउस बैंक से यह राशि किश्त के रूप में काटी गई है। बैंक से त्रुटि हुई है, लेकिन यह राशि वापस की जाएगी। कुछ समय लग रहा है। उपभोक्ता को घबराने की जरूरत नहीं है।

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