Hindi News »Madhya Pradesh »Hata» अनशन जारी: बुंदेली आयोजनों से ही संस्कृति वैभव को बचाया जा सकता है: विष्णु पाठक

अनशन जारी: बुंदेली आयोजनों से ही संस्कृति वैभव को बचाया जा सकता है: विष्णु पाठक

बुंदेली संस्कृति हमारे देश की धरोहर है एवं इसे बचाना सरकार का ही काम है, क्योंकि वर्तमान हमारी संस्कृति धरोहर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 13, 2018, 08:50 AM IST

बुंदेली संस्कृति हमारे देश की धरोहर है एवं इसे बचाना सरकार का ही काम है, क्योंकि वर्तमान हमारी संस्कृति धरोहर विलुप्त होती जा रही है। ऐसे में बुंदेली आयोजनों के माध्यम से ही हम अपने देश की संस्कृति वैभव को बचा सकते हैं। यह बात हटा में कांग्रेसी नेतृत्व में नगर पालिका अध्यक्ष अरुणा मोहन तंतवाय व पुष्पेंद्र हजारी द्वारा अनिश्चितकालीन अनशन सत्याग्रह के समर्थन में पहुंचे सागर से लोक कला अकादमी के संचालक पंडित विष्णु पाठक ने कही।

उन्होंने कहा कि यह बुंदेली मेला कोई गलत आयोजन नहीं है इसे सत्ता एवं विपक्ष दोनों को मिल.जुलकर इस आयोजन में अपनी-अपनी भूमिकाएं सहयोग के रूप में अदा करना चाहिए ताकि हमारी संस्कृति एवं बुंदेली धरोहर विलुप्त न हो सके। इस प्रकार के आयोजन में हस्तक्षेप करना गलत है।

वहीं डॉ. एमएम पांडे ने अनशन का समर्थन करते हुए कहा कि बुंदेली संस्कृति एक हमारे लिए अद्भुत उपायदान हैं इस बुंदेली संस्कृति को जिसने भी हाथ लगाया वह पवित्र हो जाता है इसलिए हम सभी क्षेत्रवासियों का कर्तव्य है कि इस प्रकार के बुंदेली मेला जैसे आयोजनों में सहयोग करें। ताकि हमारी संस्कृति को हमारी कई पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सकता है। वही अनशन पर बैठे मेला सूत्रधार पुष्पेंद्र हजारी ने कहा कि जब तक शासन प्रशासन हमारी मांगे पूरी नहीं करता तब तक हमारा यह अनशन निरंतर जारी रहेगा। चाहे हमारे प्राण यहीं पर निकल जाएं। हम अपनी बुंदेली संस्कृति के लिए मर मिटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन बीत जाने के बावजूद भी कोई भी वरिष्ठ अधिकारी अनशन स्थल पर नहीं आए न ही किसी प्रकार की हम लोगों की खबर ली गई सिर्फ अधिकारियों के निर्देशों पर डॉक्टर की टीम मेडिकल चेकअप के लिए भेजी गई।

हटा। दूसरे दिन भी नपाध्यक्ष का अनशन जारी रहा। बड़ी संख्या में पहुंचे समर्थक।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Hata

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×