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नियमितीकरण के लिए प्रेरकों ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

प्रेरकों की सेवा बहाली एवं संविदा नीति में शामिल कर स्थाई करने के लिए प्रेरक संघ के द्वारा मुख्यमंत्री के नाम...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 16, 2018, 04:10 AM IST

प्रेरकों की सेवा बहाली एवं संविदा नीति में शामिल कर स्थाई करने के लिए प्रेरक संघ के द्वारा मुख्यमंत्री के नाम मंगलवार को एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें संविदा प्रेरक शिक्षकों ने बताया कि वे 2000 रुपए मात्र के अल्प वेतन मानदेय में कार्यरत हैं, 5 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुके हैं जिसमें 2001 की गणना के मुताबिक 42 जिलों में 51 लाख 86 हजार महिला निरक्षर थीं, जिन्हें साक्षर करने के लिए राष्ट्रीय साक्षरता मिशन के तहत वर्ष 2012 मे प्रेरकों की संविदा नियुक्ति की गई।

प्रत्येक ग्राम पंचायतों में एक महिला एक पुरुष को विधिवत केन्द्र संचालित करने नियुक्त किया गया था। जिसमें शासन की मंशानुसार साक्षरता दर बढ़ाने में प्रेरकों की बहुत बड़ी भूमिका रही है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में सफलतापूर्वक कार्य किया।

प्रेरकों द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास से संबंधित जन कल्याणकारी योजनाएं जन धन योजना, अटल बीमा योजना, बीएलओ कार्य, उज्जवला योजना एवं स्वच्छ भारत अभियान आदि कार्य मात्र 2000 रुपए के अल्प मानदेय पर किया और वर्ष 2011 ने साक्षरता दर 18 प्रतिशत थी वहीं प्रेरकों की बदौलत अब वर्ष 2017 में 81 प्रतिशत साक्षरता हुई है, मगर प्रदेश सरकार द्वारा फिर भी प्रेरकों की सेवाएं समाप्ति के आदेश जारी कर दिए गए। प्रेरकों ने बताया कि प्रदेश 24 हजार प्रेरकों के परिवारों के मुंह से निवाला छीन लिया है। ज्ञापन के मामले में हटा ब्लाक अध्यक्ष दिनेश अहिरवार ने बताया की हमारी मांगें हैं, जिन्हें प्रदेश सरकार से विगत कई वर्षों से पूरी करने की मांग करते आ रहे हैं। जिसमें संविदा से हुई प्रेरकों की नियुक्ति मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा अनुसार संविदा नीति में शामिल प्रेरकों को स्थाई किया जाए।

प्रेरकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। प्रेरकों को सम्मान जनक वेतन दिया जाए।

ज्ञापन देने वालों में दिनेश अहिरवाल, संतोष अहिरवाल, राजेन्द्र अठ्या, कमलेश अहिरवाल, रमलू अहिरवार, बद्री अहिरवाल, शकील खान, मजीद खान, जुगल अहिरवार, महेश अहिरवार, लखन अहिरवार, बंसी अहिरवार आदि की उपस्थिति रही। जिसके द्वारा ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से आग्रह किया की प्रेरकों के भविष्य एवं अधिकतम उम्र को देखते हुए सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त कर प्रेरकों की सेवाएं संविदा नीति खत्म कर नियमित करने का आदेश जारी करने की मांग की। प्रेरकों ने बताया की अल्प मानदेय मिलता था, लेकिन लगातार सेवा देने के बाद भी पिछले लगभग 14 माह का वेतन प्राप्त नहीं हुआ है।

सेवा बहाली एवं स्थाई करने सौंपा ज्ञापन

दमोह। आदर्श प्रांतीय संविदा प्रेरक शिक्षक संघ दमोह ब्लाक की ओर से जिलाध्यक्ष चरन सिंह विश्वकर्मा ने कलेक्टाेरेट में ज्ञापन सौंते हुए प्रेरकों की सेवा बहाली एवं संविदा नीति में शामिल कर स्थाई करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रेरकों ने अपना कार्य इमानदारी से किया है लेकिन उन्हें सेवा समाप्ति के आदेश जारी कर दिए गए। उन्हें सेवा बहाली के आदेश जारी किए जाएं। स्थाई किया जाए एवं राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। सम्मानजनक वेतन दिया जाए।

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