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महिला कोच में कब्जाधारियों की धरपकड़

ट्रेनों के महिला कोच में कब्जाकर यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में दो माह के भीतर ढाई सौ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 09, 2018, 04:35 AM IST

ट्रेनों के महिला कोच में कब्जाकर यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में दो माह के भीतर ढाई सौ लोगों को पकड़ा गया है। आरपीएफ ने सबसे ज्यादा गोदान, ताप्ती गंगा, काशी एक्सप्रेस में महिला कोच में पुरुष यात्रियों को यात्रा करते पकड़ा है। बिहार की ओर से आने वाली ट्रेनों में ही सबसे ज्यादा महिला कोच में पुरुषों के कब्जे की शिकायतें आ रही हैं और आरपीएफ की कार्रवाई में भी बिहार से आने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा लोग कब्जा करते पकड़े जा रहे हैं।

इस संबंध में आरपीएफ पोस्ट प्रभारी वीरेन्द्र सिंह ने जानकारी दी है िक हाल ही में गोदान एवं काशी एक्सप्रेस के महिला कोचों में पुरुषों द्वारा कब्जे की सूचना मिलने पर आधा दर्जन यात्रियों को पकड़ा गया। हर दिन लगभग इतने ही यात्रियों को महिला कोचों में कब्जा करने के आरोप में पकड़ा जाता है। इसके अलावा उन पुरुषों को महिला कोच से हटाकर चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है जिनके साथ महिलाएं भी यात्रा करती हैं।

आजकल रोज ही महिला यात्रियों की शिकायत आरपीएफ को इस बात की मिलती है कि उनके कोच में रात में पुरुषों का कब्जा हो जाता है। इसके कारण उन्हें सबसे ज्यादा दिक्कत रात में होती है। ज्यादातर छेड़छाड़ की घटनाएं भी रात में ही होती हैं, जिसके कारण रात में पुरुषों के कब्जे का विरोध होता है।

182 में शिकायत दें- इन दिनों ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ के कारण भी यात्री सामान्य कोच में जगह नहीं मिल पाने के कारण महिला कोच में कब्जा कर ऊपर की सीटों पर सो जाते हैं। जब सीट पर कब्जा करने वालों का विरोध किया जाता है तो वे मारपीट या फिर गाली-गलौज पर उतारू हो जाते हैं। इसके कारण महिलाएं विरोध करनेे से डरती हैं। इसके लिए आरपीएफ ने अपना हैल्प लाइन नंबर 182 भी सभी स्टेशनों पर डिस्प्ले किया है।

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