Hindi News »Madhya Pradesh »Hata» आंदोलन की चेतावनी:स्टापडेम बनाकर पानी को रोके, हटा से पानी न ले जाए

आंदोलन की चेतावनी:स्टापडेम बनाकर पानी को रोके, हटा से पानी न ले जाए

हटा नगर के लिए भाजपा सरकार ने ही 36 करोड़ की लागत से बनने वाली नई जल प्रदाय योजना की सौगात दी है, वहीं भाजपा नेता ही अब...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 15, 2018, 04:45 AM IST

  • आंदोलन की चेतावनी:स्टापडेम बनाकर पानी को रोके, हटा से पानी न ले जाए
    +1और स्लाइड देखें
    हटा नगर के लिए भाजपा सरकार ने ही 36 करोड़ की लागत से बनने वाली नई जल प्रदाय योजना की सौगात दी है, वहीं भाजपा नेता ही अब नदी के बटबारे को लेकर हारट से जल ले जाने का विरोध कर रहे हैं। विगत 15 दिनों से विरोध ज्यादा होने के कारण कार्य को भी रोक दिया गया है। इसी मुद्दे को लेकर निर्माण एजेंसी के द्वारा अपने उच्चाधिकारियों सहित कलेक्टर एसपी ने भी कार्य स्थल का भ्रमण कर कहा कि था कि यदि जल प्रदाय योजना के कार्य में किसी के द्वारा अवरोध पैदा किया जाता है तो उसके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

    कलेक्टर अपनी शक्तियों का प्रयोग करते उससे पहले ही भाजपा के आला नेता जिसमें बुंदेलखण्ड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पूर्व मंत्री डा. रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व राज्यमंत्री गंगाराम पटेल, विधायक लखन पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल, किसान नेता चंद्रभान पटेल, पूर्व राज्यमंत्री पुत्र राधिका पटेल ने आस पास के गांवों के लोगों की पंचायत जोड़कर स्पष्ट किया कि किसी ने हारट से हटा पानी ले जाने की सहमति नहीं दी थी। इसका प्रक्कलन किसने कब तैयार किया यह भी जानकारी जन प्रतिनिधियों को नहीं दी गई। सभी ने हारट से हटा पानी ले जाने पर अपत्ति प्रकट करते हुए कार्य को बंद रखने की बात भी कही। जन प्रतिनिधियों का कहना था कि नदी में श्रंखलाबद्ध स्टापडेम का निर्माण कर पानी को रोका जाए तो इस योजना की लागत एवं रख रखाव में भी बहुत खर्च आएगा। सभी जन प्रतिनिधियों ने आमजन को बताया कि जिला प्रशासन एवं निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों को इस कार्य का नया प्रक्कलन तैयार करने के लिए कहा गया है।

    पंचायत में जुड़े हारट, पैरवारा, बेला पुरवा, खैजरा, बिजौरी आदि गांवों के किसानों एवं आमजन ने बताया कि यदि यहां से पानी लिप्ट करके हटा ले जाया गया तो गर्मी के दिनों में 25 से अधिक गांवों में पानी की कमी आ जाएगी। यहां का जलस्तर भी कम होगा। पानी की कमी के कारण कुछ गांव तो वीरान हो सकते हैं या यहां के लोग पलायन कर सकते हैं। इस पंचायत में पुन्नी लाल अहिरवार, काशी राम राजपाल, नंद किशोर पटेल, सतेंद्र सिंह राजपूत, रामचरण पटेल, लोकमन राठौर, गोपाल अठया, राजधर जैन, विश्वनाथ पटेल, अाशीष पिड़हा, सुनील पिड़हा, धनीराम रैकवार, कंछेदी सेन सहित करीब एक हजार लोग इस पंचायत में एकत्रित हुए।

    ज्ञातव्य हो कि हटा नगर में 36 करोड़ की लागत से जल प्रदाय योजना का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। जिसमें नगर से 6 किमी दूर हारट के प्राकृतिक जल भराव क्षेत्र से पानी लाकर हटा नगर में जल सप्लाई करने की योजना है। इस संबंध में गांववासियों के द्वारा पहला ज्ञापन 17 मार्च को कलेक्टर को दिया गया था।

    इसके बाद जब निर्माण एजेंसी के द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया तो गांववासियों के द्वारा सामूहिक रूप से इसका विरोध प्रकट कर कार्य को रोका गया। कार्य में आए अवरूद्ध के कारण नगर पालिका परिषद हटा द्वारा एक सप्ताह पहले नगर पालिका अध्यक्ष अरूणा तंतुवाय, उपाध्यक्ष ब्रजेश दुबे एवं पार्षद सहित जल संकट से जूझ रही महिलाओं ने एक ज्ञापन एसडीएम नारायण सिंह को दिया। जिसमें कहा कि भाजपा के असामाजिक तत्वों द्वारा नगर के विकास में अवरोध प्रकट किया जा रहा है। इस अवरोध को तत्काल रोका जाए। ज्ञापन देने के बाद ही कलेक्टर एसपी भी निर्माण स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। पानी को लेकर चल रहे इस विवाद को देखते हुए शासन प्रशासन भी अब आमने सामने आ चुका है, गांव वासियों ने निर्माण कार्य नहीं रूका तो आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं निर्माण एजेन्सी समय पर कार्य पूरा न हो पाने पर होने वाले जुर्माना की सोच रहा है।

    हटा। पानी को लेकर पंचायत बुलाई गई। इनसेट में मंच पर बैठे पंच ।

  • आंदोलन की चेतावनी:स्टापडेम बनाकर पानी को रोके, हटा से पानी न ले जाए
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Hata

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×