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कंचनपुरी हनुमान मंदिर में लगा भक्तों का मेला

कंचनपुरी हनुमान मंदिर में लगा भक्तों का मेला जबेरा| जिले के अभाना तेंदूखेड़ा मार्ग पर कंचनपुर में दक्षिणमुखी...

Danik Bhaskar | Apr 25, 2018, 05:15 AM IST
कंचनपुरी हनुमान मंदिर में लगा भक्तों का मेला

जबेरा| जिले के अभाना तेंदूखेड़ा मार्ग पर कंचनपुर में दक्षिणमुखी हनुमानजी का पावन धाम है। वैसे तो यहां पर हर मंगलवार व सोमवार को दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं, लेकिन बेसाख माह में यहां का नजारा देखते ही बनता है। बैसाख माह के तीसरे मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु कंचनपुरी धाम पहुंचे और भगवान को प्रसाद अर्पित किया। भक्तों की मान्यता है कि यहां विराजमान हनुमानजी के दर्शनों से सभी संकटों का हरण होता है। यह सिद्ध दरबार है। यहां पर रोजाना ही भजन कीर्तन चलते हैं। साथ ही भंडारा व कन्याभोज कराए जाते हैं।

गांव-गांव में गौमाता की सेवा का संदेश पहुंचा रहे राघवेंद्र महराज

बनवार | सिद्धक्षेत्र बांदकपुर से सटे ग्राम पिपरिया टिकरी सिंगपुर में भागवत कथा का आयोजन चल रहा है। जिसमें बांदकपुर के कथा वाचक वृंदावन धाम से वेद शास्त्रों की शिक्षा प्राप्त करने वाले राघवेंद्र महराज भागवत कथा के साथ-साथ गौमाता की सेवा का संदेश दे रहे हैं। कथा के तीसरे दिन महाराज ने बताया कि आज के समय में गौ, ब्राह्मण, कन्या और संतों का अपमान के साथ हिंदुत्व पर संकट है। इन सब का संरक्षण परम आवश्यक है। गाय का महत्व जीवन में जन्म से लेकर मृत्यु तक है। गाय हमें दूध, दही, घी के साथ अर्थ धर्म और काम मोक्ष भी प्रदान करती है। आज के समय गौ माता का संरक्षण नहीं हो रहा है इसलिए यह संसार विनाश की ओर अग्रसर होता जा रहा है। कथा के अंत में रोज गौमाता की आरती की जाती है।

किसान की कृषि भूमि पर महिला ने कर लिया कब्जा

नरसिंहगढ़| पथरिया तहसील के नरसिंहगढ़ निवासी दलित की कृषि भूमि पर एक महिला द्वारा जबरन कब्जा कर अतिक्रमण कर लिया गया है। इस मामले में पथरिया तहसीलदार द्वारा बेदखली आदेश भी बेअसर साबित हो रहा है। जानकारी के अनुसार नरसिंहगढ़ निवासी मूरत पिता शोभा अहिरवार की कृषि भूमि मौजा कल्याणपुरा के पटवारी हल्का नंबर 33 में खसरा नंबर 134 के रकवा 0.36 हेक्टर के करीब 450 वर्गफीट पर इंदिरा कॉलोनी निवासी कल्लो बाई उर्फ माता एवं हल्ले सिंह पिता मुन्ना सिंह के द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण कर लिया गया है। जिसकी शिकायत पीड़ित मूरत ने तहसीलदार से की गई थी जिसके पश्चात मामले में पथरिया तहसीलदार द्वारा अतिक्रमण हटाकर बेदखली का आदेश पारित किया है तथा अनावेदिका को 7 दिन का समय भी दिया गया था। लेकिन एक माह के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया।