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सोसाइटी में दर्ज सभी किसानों के मंडी में नहीं हो रहे भावांतर के लिए रजिस्ट्रेशन

भास्कर संवाददाता | होशंगाबाद चना, सरसों, प्याज और मसूर के लिए कृषि उपज मंडी समिति पर शुरू होने वाले पंजीयन पहले...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 03:05 AM IST
भास्कर संवाददाता | होशंगाबाद

चना, सरसों, प्याज और मसूर के लिए कृषि उपज मंडी समिति पर शुरू होने वाले पंजीयन पहले दिन गुरुवार को पासवर्ड और आईडी के नहीं मिलने से नहीं हो सके। भावांतर भुगतान योजना में निशुल्क पंजीयन 12 मार्च तक होना है पर धान और गेहूं का ई-उपार्जन करने वाली प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों में पंजीयन कराने वाले किसानों के मंडी में पंजीयन नहीं हो रहे हैं। किसानों को पंजीयन कार्य में सुविधा के लिए कृषि विभाग ने यह व्यवस्था की है लेकिन इसका लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। कृषि उपज मंडी में 165 किसानों के पंजीयन की सुविधा है। इधर वे किसान जिन्होंने गेहूं का पंजीयन कहीं नहीं कराया है। वे अपना नया पंजीयन करवा सकते हैं।

जिले में इस बार चने का रकबा दोगुना होने से कई किसान उपज का भावांतर योजना के लिए पंजीयन कराना चाहते हैं। लेकिन सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण परेशानी हो रही है। किसानों को पंजीयन कराना था लेकिन कर्मचारी हड़ताल पर जाने से पंजीयन नहीं हो पा रहा है। नानपा के अजय सिंह ने बताया इस बार कृषि उपज मंडी समितियों द्वारा भावांतर योजना के लिए गेहूं में पंजीयन कराने वाले किसानों के पंजीयन नहीं किए जा रहे हैं व इससे पहले खरीफ फसल के लिए कृषि उपज मंडी समितियों ने पंजीयन किए थे। वह किसान अपना पंजीयन कराने के लिए सेवा सहकारी संस्था पर कागजात लेकर पंजीयन के लिए गए तो सेवा सहकारी संस्था के कर्मचारियों द्वारा यह कह कर मना कर दिया गया जिन किसानों ने खरीफ की फसल के पंजीयन कृषि उपज मंडी में करवाए थे, उनका सेवा सहकारी संस्था में पंजीयन नहीं हो पा रहा है।

समस्या दूर करने के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा


होशंगाबाद. मंडी में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए परेशान होते किसान।

76 हजार किसानों को कराना है पंजीयन

गेहूं बेचने के लिए 76 हजार किसानों में से चना या भावांतर के तहत आने वाली फसल का पंजीयन कराना फजीहत का कारण बन रहा है। मंडी में किसानों के पंजीयन नहीं हो रहे हैं। मंडी में भावांतर के तहत नए किसानों का ही पंजीयन हो रहा है। जिन्होंने कही पंजीयन नहीं कराया है। गेंहूं के पंजीयन कराने वाले किसानों के एक ही समग्र आईडी होने के कारण पोर्टल पंजीयन नहीं कर रहा है।

कंप्यूटर अपडेट नहीं अटका है मंडी में पूरा काम

कृषि उपज मंडी समिति में खरीफ की फसल के पंजीयन कराने वाले किसानों का रबी की फसल के लिए पंजीयन नहीं हो पा रहे हैं। खास बात यह है कंप्यूटर को अपडेट ही नहीं किया गया है। जिसके चलते अब रबी की फसल के पंजीयन कराने वाले किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।