--Advertisement--

शैलेष जैन . इटारसी |

यह हाल हंै जिले के सबसे बड़े बांध के : कैचमेंट एरिया में कम बारिश का असर, गर्मी आने के पहले ही तवा डेम में कम हो गया 45...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 03:25 AM IST
यह हाल हंै जिले के सबसे बड़े बांध के : कैचमेंट एरिया में कम बारिश का असर, गर्मी आने के पहले ही तवा डेम में कम हो गया 45 फीट पानी, दिखने लगे छोटे-छोटे टापू


शैलेष जैन . इटारसी | तवा डेम में तेजी से उभर रहे टापू जलस्तर में आ रही कमी के खतरे को इंगित कर रहे हैं। पहले सिर्फ एक टापू भर दिखता था। अब पानी के बीच में छोटे-छोटे टापू दिख रहे हैं। पानी दूर तक चला जाने से रेतीला तट नजर आ रहा है। अभी यह हाल है तो मार्च से शुरू हो रही गर्मी की तपन में क्या होगा? इस बारिश में तवा के गेट नहीं खुले। कैचमेंट एरिया में कम बारिश और पचमढ़ी व सारणी से डेम में भरपूर पानी नहीं आना इसका कारण रहा। यह हैरत व चिंता की बात है कि बांध का पानी ज्यादा बहाव वाली जगह कम दिख रहा है यानी बांध के तेरह गेट के बिलकुल पास।

2017-2018 : जुलाई के पहले सप्ताह में जलस्तर 1126 फीट था। अगस्त अंत में पानी 1145 फीट तक आया। 15सितंबर तक पानी 1146 फीट तक था। यानी जलस्तर एक फीट ही बढ़ा। जबकि 1165 फीट पर आ जाना था।

क्यों बनी यह स्थिति

कैचमेंट एरिया में 724 मिमी ही बारिश हुई है। जिले की औसत बारिश 1311.7 मिमी है। पचमढ़ी की 1083.4 मिमी बारिश की बदौलत बांध में 1155 फीसदी जलभराव हो पाया था। 5 माह में जलस्तर 45 फीट कम होकर 1110.10 फीट पर आ गया।

तवा परियोजना

नर्मदा घाटी विकास योजना में जो 30 बड़े बांधों की योजना है, उनमें यह पहला बड़ा बांध था। इसे विश्व बैंक के कर्ज से चलाए गए राष्ट्रीय जल प्रबंधन प्रोजेक्ट में भी शामिल किया गया। यह बांध होशंगाबाद जिले में इटारसी से 34 किमी तवा और देनवा नदी के संगम पर बन है।

कब बना : 1978

ऊंचाई : 58 फीट

लंबाई : 1815 मीटर

सिंचाई : होशंगाबाद व हरदा जिले में।

वार्षिक सिंचाई क्षमता : 3,32,720 हेक्टेयर

नहीं मिल सकेगा सिंचाई के लिए पानी