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110 पौधे और कॉलेज में तैयार 20 औषधि से होगा अतिथियों का स्वागत, मिलेगा परामर्श

प्रकृति में स्वास्थ्य के ऐसे रहस्य हैं जो रोग को दूर रखने और उनके उपचार में सहयोगी है। शरीर को निरोग रखने के लिए...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 05:50 AM IST
प्रकृति में स्वास्थ्य के ऐसे रहस्य हैं जो रोग को दूर रखने और उनके उपचार में सहयोगी है। शरीर को निरोग रखने के लिए प्राकृतिक औषधियाें के सेवन से कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता। इसी बात को ध्यान में रखते हुए युवा पीढ़ी को दादी नानी के नुस्खे और पारंपरिक औषधीय की जानकारी देने गर्ल्स कॉलेज में शनिवार को औषधीय पौधों का महत्व और उनका स्वास्थ्य पर प्रभाव बताने राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी होगी। 3 से 5 फरवरी तक कॉलेज में औषधीय मेला लगेगा। मेले में औषधियों, औषधीय पौधों के स्टॉल लगेंगे। औषधीय चिकित्सा का परामर्श देने चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे जो जांच के बाद परामर्श देंगे। प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन ने बताया कि औषधीय चिकित्सा और महत्व का लाभ युवाओं और परिवार को मिले इसके लिए जिले के स्कूल कॉलेजों को आमंत्रित किया गया है। संगोष्ठी संयोजक डॉ.रश्मि श्रीवास्तव और डॉ. संगीता अहिरवार ने बताया कि कॉलेज में 110 प्रजाति के पौधे और 20 औषधियां तैयार की गई हैं।

अतिथियों को देंगे हर्बल प्रोडक्ट के गिफ्ट हैंपर





कॉलेज की हर्बल वाटिका में 110 प्रजाति के औषधीय पौधे लगाए हैं। स्टॉल पर पौधे और बीज उपलब्ध रहेंगे। इनमें ग्रीन टी, लेमन ग्रास, एलोवेरा, हल्दी, 50 तरह के कंद शामिल हांेगे।

भास्कर संवाददाता|होशंगाबाद

प्रकृति में स्वास्थ्य के ऐसे रहस्य हैं जो रोग को दूर रखने और उनके उपचार में सहयोगी है। शरीर को निरोग रखने के लिए प्राकृतिक औषधियाें के सेवन से कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता। इसी बात को ध्यान में रखते हुए युवा पीढ़ी को दादी नानी के नुस्खे और पारंपरिक औषधीय की जानकारी देने गर्ल्स कॉलेज में शनिवार को औषधीय पौधों का महत्व और उनका स्वास्थ्य पर प्रभाव बताने राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी होगी। 3 से 5 फरवरी तक कॉलेज में औषधीय मेला लगेगा। मेले में औषधियों, औषधीय पौधों के स्टॉल लगेंगे। औषधीय चिकित्सा का परामर्श देने चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे जो जांच के बाद परामर्श देंगे। प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन ने बताया कि औषधीय चिकित्सा और महत्व का लाभ युवाओं और परिवार को मिले इसके लिए जिले के स्कूल कॉलेजों को आमंत्रित किया गया है। संगोष्ठी संयोजक डॉ.रश्मि श्रीवास्तव और डॉ. संगीता अहिरवार ने बताया कि कॉलेज में 110 प्रजाति के पौधे और 20 औषधियां तैयार की गई हैं।

20 हर्बल औषधियां तैयार









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