मध्यप्रदेश / जाति प्रमाण-पत्र मामले में रिव्यू समिति का फैसला सांसद ज्योति धुर्वे के खिलाफ



caste certificate review committe decision is against jyoti Dhurve
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caste certificate review committe decision is against jyoti Dhurve

  • पूर्व में छानबीन समिति की जांच में धुर्वे का जाति प्रमाण-पत्र फर्जी पाया गया था

Dainik Bhaskar

Feb 07, 2019, 10:54 AM IST

भोपाल . जाति प्रमाण-पत्र के मामले में बैतूल से सांसद ज्योति धुर्वे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने बुधवार को इस मामले का फिर रिव्यू किया और इसमें भी फैसला धुर्वे के खिलाफ ही आया। गौरतलब है कि पूर्व में छानबीन समिति की जांच में धुर्वे का जाति प्रमाण-पत्र फर्जी पाया गया था।

 

उनकी अपील पर समिति ने मामले का रिव्यू किया था। बताया जा रहा है कि अब समिति सदस्य धुर्वे को राहत देने के पक्ष में नहीं हैं। इससे उनके सांसद पद पर भी सवाल खड़े होंगे। हालांकि धुर्वे के पास कोर्ट जाने का विकल्प अब भी बरकरार है।

 

समिति ने रायपुर और बालाघाट के तिराेड़ी में भी इस प्रकरण की जांच की थी। धुर्वे ने समिति के समक्ष पुनर्विचार की अपील की थी जिस पर सुनवाई हुई थी। धुर्वे के मामले की जांच राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने की थी। जानकारी के मुताबिक उन्होंने अपनी पति की जाति के आधार पर अपना जाति प्रमाण पत्र बनवाया जबकि यह पिता की जाति के आधार पर बनता है। 

मुख्य सचिव ने दिए थे निर्देश : मुख्य सचिव मामले की जांच के निर्देश दिए थे। उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने रायपुर, बैतूल और बालाघाट में जांच की और रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट के अाधार पर ज्योति धुर्वे ने पुनर्विचार याचिका लगाई थी। गौरतलब है कि धुर्वे का जाति प्रमाणपत्र भैंसदेही में बना था। बालाघाट के तिरोड़ी गांव में उनका जन्म हुआ था जबकि प्राथमिक पढ़ाई रायपुर में हुई। सबसे पहले उन्होंने रायपुर से जाति प्रमाण पत्र बनवाया था। विवाह के बाद बैतूल के प्रेम सिंह धुर्वे से विवाह कर पति की जाति के आधार पर भैंसदेही से एससी का प्रमाणपत्र बनवाया।

 

मेरा पक्ष नहीं सुना गया : मैंने अपील की थी। जो तथ्य रखे उस पर ध्यान ही नहीं दिया गया। दो बार पेशी की तारीख दी गई, पर पक्ष रखने का मौका नहीं दिया। एकतरफा कार्रवाई की गई है। यह उचित नहीं है। - ज्योति धुर्वे, सांसद

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