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5वीं और 8वीं के 235 छात्र रहे बोर्ड परीक्षा से वंचित

एक वर्ष पहले
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शासन स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता और उसके स्तर को सुधारने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। शासकीय स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए स्कूल चलो अभियान के तहत निशुल्क किताबें ड्रेस कोड मिड डे मील आदि की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन बावजूद इसके शिक्षा के स्तर में कोई सुधार होता हुआ नजर नहीं आ रहा है।

राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा शिक्षकों पर नकेल कसने के लिए नियम तो अनेक बनाएं हैं पर उनकी जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिसका नतीजा सामने है हाल ही में राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा पांचवी एवं आठवीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर आयोजित कराई गई। स्कूलों को मिलाकर परीक्षा केंद्र बनाए गए, लेकिन सब कुछ धरा का धरा रह गया। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा ब्लॉक में वार्षिक परीक्षा में छात्रों की हंड्रेड परसेंट उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन सभी प्रयासों के बावजूद 235 छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गए।

शिक्षा मंत्री ने भी जताई थी नाराजगी

हाल ही में मढ़ई दौरे पर आए राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री प्रभु राम चौधरी ने ब्लाॅक के शासकीय स्कूलों का निरीक्षण कर क्षेत्र में चल रही शैक्षणिक व्यवस्था का जायजा लेने के लिए स्वयं ही स्कूलों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री द्वारा स्कूलों में गिरते पढ़ाई के स्तर एवं छात्रों की लगातार अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी जताई थी और सिस्टम में सुधार हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया था। उसके बावजूद सिस्टम की कमजोरी का पता इसी बात से चलता है कि पूरे ब्लॉक में 235 छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गए। उल्लेखनीय है कि शिक्षा मंत्री ने इस कमी को दूर करने के लिए शिक्षकों को लगातार पलकों के संपर्क में बने रहने एवं समय-समय पर स्कूल में पेरेंट्स मीटिंग आयोजित करने के लिए निर्देशित किया था। इस बारे में बीआरसी ने बताया कि पेरेंट्स मीटिंग को लेकर शिक्षकों द्वारा घर-घर लिखित पर्ची भेजी गई हैं, लेकिन अधिकांश पेरेंट्स मीटिंग में नहीं आ पाते।

तीन हजार से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा


बीआरसी जेपी रजक ने बताया कि ब्लॉक में कक्षा आठवीं एवं पांचवी की बोर्ड आधारित परीक्षा में कुल 3088 छात्र शामिल हुए इसमें से कक्षा पांचवी के 1430 छात्रों में से 1346 छात्रों ने परीक्षा दी, 84 छात्र अनुपस्थित रहे। इसी क्रम में कक्षा आठवीं में कुल 1658 छात्रों में से 1507 छात्रों ने परीक्षा दी 151 छात्र परीक्षा में अनुपस्थित रहे। इससे स्पष्ट होता है कि शिक्षक केंद्र के आदेश का पालन भी पूरा नहीं कर पाया। हालांकि जहां पर छात्रों की अनुपस्थिति रही है, वहां पर कार्रवाई की बात की जा रही है इस बारे में बीआरसी ने बताया कि पांचवी और आठवीं की बोर्ड परीक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने के लिए हर केंद्र पर हमारे द्वारा अलग से शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन बच्चे स्वयं ही पढ़ाई के प्रति रुचि नहीं दिखाते हैं। उस स्थिति में शिक्षक भी वहां पर कुछ नहीं कर सकता।


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