हाेशंगाबाद से पिपरिया तक 72 किमी टू-लेन राेड बनेगा, तवा नदी पर नए ब्रिज की तैयारी

Hoshangabad News - तवा के पुराने ब्रिज काे मरम्मत की जरूरत, लाॅकडाउन के कारण डीपीअार में हाे सकती है देरी बाबई राेड स्थित तवा नदी...

Mar 27, 2020, 06:36 AM IST
तवा के पुराने ब्रिज काे मरम्मत की जरूरत, लाॅकडाउन के कारण डीपीअार में हाे सकती है देरी

बाबई राेड स्थित तवा नदी पर बने अाेवर ब्रिज की हालत काफी जर्जर हाे चुकी है। पिछले एक साल में ब्रिज की कई बार मरम्मत कराई जा चुकी है, लेकिन उसके बाद भी ब्रिज पर बार-बार गड्ढे हाे रहे हैं। बाबई राेड पर बढ़ते ट्राफिक काे देखते हुए एमपीअारडीसी विभाग ने हाेशंगाबाद से पिपरिया तक 72 किमी तक के टू-लेन सड़क व तवा नदी पर नए अाेवर ब्रिज के निर्माण की अनुमति मांगी थी। शासन की अाेर से उक्त सड़क निर्माण के लिए ताे अनुमति मिल गई है, लेकिन नए पुल का मामला फिलहाल साफ नहीं हुअा है। दरसअल काेराेना वायरस के संक्रमण के चलते प्रदेश के सभी कार्यालयाें में कामकाज बंद हैं। जिसके चलते पिपरिया तक नई सड़क निर्माण अाैर तवा नदी पर दूसरे ब्रिज के निर्माण का डीपीअार अब तक नहीं बन पाया है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से पिपरिया राेड के चाैड़ीकरण अाैर तवा नदी पर नए ब्रिज के निर्माण काे शासन स्तर पर बात चल रही थी जिसे अब अंतिम रूप मिल चुका है।

यह हाेगा फायदा

हाेशंगाबाद से पिपरिया तक राेड के निर्माण से अावागमन सुलभ हाेगा। वर्तमान मंे सड़क की चाैड़ाई कम हाेने के चलते दिक्कत हाे रही है। टू-लेन राेड वर्तमान राेड से चाैड़ा बनाया जाएगा। राेड तैयार हाेने से ग्रामीण क्षेत्र के लाेगांे काे भी लाभ हाेगा। साथ यदि तवा नदी पर दूसरा ब्रिज बनता है ताे इससे यातायात बाधित नहीं हाेगा अाैर जाम से निजात मिलेगी।


हाेशंगाबाद| तवापुल पर हुए गड्ढाें की टेंपरेरी मरम्मत एमपीअारडीसी विभाग ने करा दी है। पुल पर हर 15 दिनाें में नए गड्ढे हाे रहे हैं। दरअसल विभाग का कहना है कि पुल की मरम्मत बड़े स्तर पर हाेनी है। पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट भी खराब हाे चुके हैं। विभाग की अाेर से पुल की मरम्मत के लिए शासन काे प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन शासन से प्रस्ताव काे स्वीकृति नहीं मिली। एमपीअारडीसी विभाग पिछले एक साल से पुल की टेंपरेरी मरम्मत करा रहा है। 2019 में अतिवर्षा के दाैरान तवा पुल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हाे गया था। पुल पर सैकड़ाें की संख्या में गड्ढे हाे गए थे। तवापुल की मरम्मत न किए जाने काे लेकर स्थानीय लाेगाें ने धरना-प्रदर्शन किया था जिसके बाद एमपीअारडीसी ने अक्टूबर माह में पुल की मरम्मत कराई। लेकिन यह मरम्मत ज्याद नहीं टिकी अाैर जनवरी-फरवरी 2020 में फिर से पुल में बड़े-बड़े गड्ढे उभर अाए। मार्च के पहले सप्ताह में गड्ढाें काे दाेबारा सुधारा गया।

निरंतर कर रहे अांदाेलन

ब्रिज के गड्ढाें काे लेकर स्थानीय ग्रामीण निरंतर अांदाेलन करते अा रहे हैं। जिसके बाद दबाव में अाकर विभाग जैसे-तैसे पुल की मरम्मत करा रहा है। लेकिन पुल की स्थित अब रिन्यूवल की हाे चुकी है। जिसके तहत अब बड़ी मरम्मत के बाद ही पुल सुधर सकता है। ग्राम लिमसाड़िया के निवासी पंकज मलैया ने बताया कि पुल की स्थिति बेहद खराब हाे चुकी है। पुल पर लाेहे के सरिए बाहर की अाेर दिखने लगे हैं। हाल ही में ग्रामीणाें के अांदाेलन के बाद सीमेंट अाैर कांक्रीट से लाेहे की राेडाें काे भरा गया है। लेकिन इस तरह की मरम्मत पहले भी की जा चुकी है, यह लंबे समय तक टिकती नहीं है।

पुराने पुल की हाेगी बड़ी मरम्मत

एमपीअारडीसी के अधिकारियोें के मुताबिक तवा ब्रिज की बड़ी मरम्मत हाेनी है। पुल की टैंपरैरी मरम्मत समय-समय पर विभाग कराते अा रहा है। ब्रिज की मरम्मत के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है, इसका प्रस्ताव भी भेजा है। ताकि ब्रिज की ठीक ढंग से मरम्मत हाे सके।

तवापुल पर बार-बार हाे रहे गड्ढे, ग्रामीणाें के अांदाेलन के बाद सुधारे

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