सत्संग से ही ईश्वर की प्राप्ति : रामायणी

Hoshangabad News - भगवान राम का चरित्र हमें चरित्रवान बनाता है, मनुष्य को ईश्वर की भक्ति तब मिलती है, जब जीव का ईश्वर से सत्संग हो।...

Jan 16, 2020, 09:35 AM IST
भगवान राम का चरित्र हमें चरित्रवान बनाता है, मनुष्य को ईश्वर की भक्ति तब मिलती है, जब जीव का ईश्वर से सत्संग हो। घरों में होने वाली अंतर कलह की वजह जीवन में सत्संग का ना होना है। यह बात बुधवार को नगर के पलाश परिसर स्थित शंभू दरबार में चल रही रामचरितमानस सम्मेलन के तीसरे दिन पंडित अखिलेश रामायणी ने कही। उन्हाेंने भगवान राम के राजतिलक की कथा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि हम साक्षर तो हो गए हैं पर सार्थक कितने हुए हैं यह भी देखना जरूरी है। घरों में रामायण और महाभारत ग्रंथ ताे रखे हुए हैं उनकी बातें भी सभी मानते हैं पर जीवन में उनका अनुकरण नहीं करते। रामचरित मानस सम्मेलन प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित किया जा रहा है इस दाैरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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