एडीएम- पुलिस ही थी, हमारी टीम थी ही नहीं
मौका पंचनामा के अभाव में कीरपुरा खदान से जब्त किए गए 17 डंपराें में से 13 डंपराें काे 500-500 रुपए में छाेड़कर पुलिस घिर गई। जो पुलिस 1 मार्च को प्रेस नोट जारी कर अकेले वाहवाही लेने में जुटी थी, वह पलट गई है। एसपी संतोषसिंह गौर ने पुलिस अफसरों का बचाव करते हुए कहा कि जब्ती के वक्त राजस्व टीम साथ थी, उसे मौका पंचनामा बनाना था। पुलिस सुरक्षा देती है। लेकिन टीआई दिनेशसिंह चौहान इससे इंकार कर रहे हैं। इधर, अपर कलेक्टर केडी त्रिपाठी ने फिर दोहराया कि राजस्व टीम को पुलिस ने कार्रवाई के बाद पत्र से सूचना दी, मौके पर हमारी टीम साथ नहीं थी इसलिए हमने उनसे मौका पंचनामा और दस्तावेज मांगे थे। उन्होंने डंपर क्यों छोड़े, यह पता करवाया जाएगा।
साेहागपुर एसडीअाेपी शैलजा पटवा का कहना है कि साेहागपुर टीअाई रामस्नेह चाैहान अाैर बाबई टीअाई दिनेश चाैहान के नेतृत्व में कीरपुरा खदान पर छापा मार डंपर पकड़े थे। बाबई तहसीलदार अाैर खनिज अधिकारियाें काे सूचना दी लेकिन काेई नहीं पहुंचा था।
ये है सभी 17 डंपरों के मालिकों के नाम, उस दिन की ईटीपी नहीं थी
{रजत मालवीय { महेश मालवीय (दो डंपर)
{ सुभाष { अखिलेश मालवीय { सुरेंद्र सिंह { सुभाष राय { अभिजीत भार्गव { कृष्णा ट्रेडर्स { गौरव राजपूत { राघवेंद्र राजपूत
{ शकील खान { राजेंद्र गौर { हरिओम राव { अनूप सिंह { सोना सद्दू व { सद्दू ट्रेडर्स
(जब्त किए गए डंपरों के नंबर के आधार पर आरटीआे की वेबसाइट से डंपर मालिकों के ये नाम मिले।)
कहा- एसपी के निर्देशन में सख्त कार्रवाई, हुआ- 500 रु. जुर्माना
1 मार्च को पुलिस थाना बाबई जिला हाेशंगाबाद द्वारा जारी प्रेसनोट में कहा गया था कि लगातार अवैध रेत उत्खनन एवं अवैध रेत परिवहन करने वाले के विरुद्ध एसपी संताेष सिंह गाैर, एएसपी घनश्याम मालवीय, एसडीअाेपी शैलजा पटवा के निर्देशन में लगातार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। तवा की कीरपुरा खान पर रेत चाेरी कर परिवहन की सूचना मिली। माैके से अवैध रेत भरने के लिए खड़े 17 डंपराें काे पकड़ा। टीअाई दिनेश सिंह चाैहान द्वारा गठित टीम में एसअाई विवेक यादव, सिपाही उपेंद्र, अाशीष, प्रकाश, टेकचंद साेहागपुर थाना प्रभारी रामस्नेही चाैहान अाैर थाना स्टाफ की भूमिका रही। दरअसल, बाद में इन डंपरों को मात्र 500-500 रु. छोड़कर चौंका दिया।
पुलिस ने ऐसे नहीं छाेड़ा नहीं ताे हाेता भारी जुर्माना, क्योंकि रंगेहाथ पकड़ाए
पुलिस के डंपर पकड़ने के बाद खनिज विभाग ने खदान का निरीक्षण करने सहित काेई काम नहीं किया। खनिज विभाग के अधिकारियाें ने रेत चाेराें पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस काे फाइल वापस भेज दी। पुलिस ने मोटरव्हीकल एक्ट पर चालान काटकर 500-500 रुपए में डंपर छाेड़ दिए। अगर खनिज विभाग अाैर अारटीअाे के नियमानुसार कार्रवाई हाेती ताे भारी जुर्माना हाेता।
खनिज विभाग ने कार्रवाई नहीं की, पत्र मिलने पर छाेड़े गए डंपर : एसपी
कीरपुरा रेत खदान में कार्रवाई के दाैरान राजस्व िवभाग के अधिकारी भी माैजूद थे। उन्हें माैका पंचनामा अाैर रिपाेर्ट देना थी। खनिज विभाग के कार्रवाई नहीं करने के कारण पुलिस काे मजबूरन खाली डंपराें काे माेटरव्हीकल एक्ट के तहत चालान काटकर छाेड़ना पड़ा। यदि रेत भरी होती तो हम चोरी का केस दर्ज कर लेते।
-संताेष सिंह गाैर, एसपी
हमारी टीम साथ नहीं थी, पुलिस ने मौका पंचनामा भी नहीं दिया : एडीएम
कीरपुरा खदान में कार्रवाई बाबई पुलिस ने की की। राजस्व अमले काे पहले काेई भी सूचना नहीं दी गई। पुलिस ने डंपर पकड़ने के बाद हमें सूचना दी। हमने पत्र भेजकर पुलिस से डंपर जब्ती की कार्रवाई की पंचनामा रिपाेर्ट मांगी थी, जाे नहीं मिली। इसके चलते वापस उनकाे भेजा था पर हमने 500 रु. चालान करने की बात नहीं लिखी थीै।
-केडी त्रिपाठी, एडीएम
सवाल : एसपी के दावे और एसडीओपी-टीआई की बात में विराेधाभास क्यों?
एसपी- राजस्व की टीम को बनाना था पंचनामा