कोरोना: अाईसाेलेशन वार्ड बनाया, संसाधनों की कमी
{देश में पहली मौत होने के बाद बढ़ी चिंता
{मढ़ई और पचमढ़ी के कारण जिले में अलर्ट
काेराेना वायरस के संक्रमण से गुरुवार काे देश में पहली माैत हाेने से सरकार की चिंता अाैर बढ़ गई। इधर जिला अस्पताल में अाइसाेलेशन वार्ड ताे बना दिया लेकिन सर्दी, खांसी, बुखार के अलावा काेराेना के इलाज करने की काेई गाइडलाइन तय नहीं है। दाे डाॅक्टर डाॅ. सुनील जैन, डाॅ. नितिन माैसिक अाैर एक पैथाेलाॅजिस्ट की ड्यूटी लगाई गई है लेकिन संदिग्ध मिलने पर क्या अाैर कैसे ट्रीटमेंट देंगे यह तय नहीं है। डाॅक्टराें के पास संदिग्ध मरीज काे रैफर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा। जिला अस्पताल में जांच की पर्याप्त इंतजाम भी नहीं हैं। जबकि मढ़ई, पचमढ़ी के कारण जिले में काेराेना काे लेकर अलर्ट है।
एसपीअाे-2 से 95 पाइंट कम वाला मरीज संदिग्ध
एपीडियाेमाेलाॅजिस्ट अारएस चाैहान ने बताया कि काेराेना वायरस के लक्षण सर्दी,खांसी,बुखार,सांस लेने में तकलीफ हाेना। मरीज की हम सबसे पहले ब्लड में अाॅक्सीजन की जांच करते हैं अगर एसपीअाे 2 95 पाइंट से कम पाया जाता है ताे उसे संदिग्ध माना जाता है।
डाॅ. सुनील जैन, अाइसाेलेशन वार्ड प्रभारी जिला अस्पताल