अधिकारी की अनुपस्थिति में जनपद में नहीं रहते कर्मचारी, ग्रामीण परेशान
जनपद पंचायत पिपरिया में जिस दिन भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी नहीं रहते उस दिन कर्मचारी भी हाजिरी लगाने के बाद कार्यालय से गायब हो जाते हैं। दूरदराज के इलाकों से जनपद कार्यालय आए लोग किसी के ना मिलने पर निराश होकर लौटते हैं।
आए दिन कार्यालय के कक्ष सूने पड़े रहते हैं। शनिवार काे भी यही आलम था। अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी वहां मौजूद नहीं थे। पूर्व में भी ऐसा ही होता चला आया है। सीईओ की गैर हाजिरी में जनपद के अधिकारी और कर्मचारी अपनी पुरानी शैली से काम करने लगते हैं। जनपद पंचायत पिपरिया 52 ग्राम पंचायतों को जोड़कर रखता है। इन 52 ग्राम पंचायतों से जितने भी गांव जुड़े हैं, वहां से रोज बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर जनपद कार्यालय आते हैं। इनमें से अनेक समस्याएं ऐसी होती हैं जो पंचायत स्तर पर हल की जा सकती हैं लेकिन पंचायत सचिव के ना मिलने व्यक्ति जनपद पंचायत आ जाता है। कई बार यह भी होता है कि कोई व्यक्ति शासन की किसी योजना के लिए पात्र नहीं होता और उसे लगता है पंचायत सचिव जानबूझकर मेरी बात अनसुनी कर रहा है। ऐसी हालत में भी लोग जनपद चले आते हैं।
कार्यालय में कोई नहीं िमला
हरप्रसाद वंशकार, राईखेड़ी।
कई दिनों से परेशान हूं
बलवान सिंह, पौसेरा