20 साल पुरानी दमकल के भरोसे 64 पंचायतों के 160 गांव, आगजनी पर कैसे पाएंगे काबू
गर्मी के मौसम ने धीरे-धीरे दस्तक देनी शुरू कर दी है। वहीं प्रशासन द्वारा गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में होने वाली आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए अपने संसाधनों को टटोलना शुरू कर दिया गया है, हालांकि प्रशासन द्वारा इस बार नरवाई कि आग को प्रतिबंधित किया गया है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में सर्वाधिक आगजनी की घटनाएं नरवाई की आग से ही होती है। इस बारे में उपयंत्री रामगोपाल चौबे ने बताया कि वर्तमान में नगर परिषद के पास दो फायर ब्रिगेड एवं 10 पानी के टैंकर हैं। क्षेत्र में होने वाली आगजनी की घटनाओं के समय इन्हीं वाहनों को आग पर काबू पाने के लिए भेजा जाता है, हालांकि नगर परिषद की दो फायर बिग्रेड में से एक 1998 का मॉडल है जो कि काफी पुरानी है, जबकि दूसरी 2014 का मॉडल है पर नगर परिषद को अपनी 20 साल पुरानी दमकल पर अब भी भरोसा है। अधिकारियों के मुताबिक पुरानी फायर बिग्रेड अभी बढ़िया काम कर रही है बस थोड़े बहुत मेंटेनेंस की आवश्यकता उसे पड़ती रहती है।
गर्मी के दिनों में एक से अधिक स्थानों पर आगजनी की घटना होने पर होती है परेशानी
नगर पंचायत सफाई शाखा प्रभारी अमित परसाई ने बताया कि गर्मी के मौसम में जब क्षेत्र में एक साथ एक से अधिक जगहों पर आग लगने की घटनाएं घटित होती हैं। जिसमें से कुछ घटनाएं बड़ी होती हैं। जहां पर लोगों द्वारा फायर ब्रिगेड की मांग की जाती है पर दो फायर बिग्रेड को हर जगह पहुंचा पाना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में आग पर काबू पाने के लिए पानी के टैंकरों को ही मौके पर भेजा जाता है। अनेक बार तो यह भी देखने में आता है। जब शहर की दोनों दम करें आग बुझाने के लिए दूसरे इलाकों में गई होती हैं और क्षेत्र में कोई बड़ी आगजनी की घटना घटित हो जाती है, ऐसे में स्थानीय व्यवस्था सिर्फ टैंकरों के सहारे रह जाती है। गौरतलब है कि ब्लॉक में 64 पंचायतें हैं, जिनमें 160 से अधिक गांव आते हैं। जिसमें से शोभापुर एवं सेमरी हरचंद बड़ी पंचायतें हैं। प्रशासनिक स्तर पर प्रत्येक पंचायत में पानी के टैंकर तो है पर सभी चालू हालात में नहीं है, ऐसे में ग्राम पंचायतों की निर्भरता भी नगर पंचायत के टैंकरों पर ही निर्भर रहती है।
वर्तमान में नगर परिषद के पास है दो फायर ब्रिगेड और 10 पानी के टैंकर
नप के पास नहीं हैं कोई प्रशिक्षित कर्मचारी
कहने को तो नगर परिषद के पास दो दमकल हैं, पर उसके पास आग नियंत्रण के लिए कोई प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं है। उपयंत्री रामगोपाल चौबे ने बताया कि दोनों फायर बिग्रेड के ड्राइवर शेख इदरीस एवं राजेंद्र साहू ट्रेनिंग सुधा कर्मचारी हैं। ऐसे में फायर बिग्रेड चलाने के साथ-साथ आग बुझाने की जिम्मेदारी भी इन्हीं कर्मचारियों के हवाले होती है।
सोहागपुर। आगजनी से निपटने के लिए खड़ी नगर परिषद की फायर ब्रिगेड।