ये भी परंपरा है ! बांद्राभान मेले में पर्याप्त पानी, फिर भी 270 किमी दूर से भेजा टैंकर

Hoshangabad News - भास्कर संवाददाता| हाेशंगाबाद बांद्राभान मेला रविवार से शुरू हो गया। कई रस्में हैं परंपराएं हैं और आकर्षण भी पर...

Nov 11, 2019, 08:21 AM IST
भास्कर संवाददाता| हाेशंगाबाद

बांद्राभान मेला रविवार से शुरू हो गया। कई रस्में हैं परंपराएं हैं और आकर्षण भी पर हम आपको ऐसी सरकारी परंपरा भी दिखाना चाहते हैं जो सिस्टम की लापरवाही के चलते आकर्षण का केंद्र बन गई है। बांद्राभान तकरीबन 200 साल पुराने मेले में अाज भी पानी सप्लाई के लिए परंपरागत तरीके से 270 किमी दूर जबलपुर से पानी की 500 लीटर चलित टैंकर अाैर 30 पाइप भिजवाए गए हैं। जबकि यह मेला स्थल स्थाई पेजयल टंकी से जुड़ा है अाैर नर्मदा किनारे ही मेला लगता है। इतनी दूर से बेहद खस्ताहाल वाहन में दाे दिन चलकर जबलपुर से अस्थाई पेयजल टंकी लाए ड्राइवर का कहना है हम ताे हर साल अाते हैं इसलिए अा गए।

मेले में जबलपुर से आई गाड़ी। इनसेट: मेले में बिछी पाइपलाइन।

टैंकर, पाइप लेकर सालों से मेले में आ रही है गाड़ी

प्रदेश सहित होशंगाबाद की कई पंचायताें में पेयजल की पाइप लाइन है। इसके बाद भी जबलपुर से मेला स्थल पर पावर वैगन डाॅज गाड़ियां पहुंचाई जाती हैं। इसमें 500 लीटर क्षमता का टैंकर अाैर पाइपलाइन के साथ एक पंप हाेता है। गाड़ी के चालक अशाेक मिश्रा ने बताया वर्षाें से पीएचई के मेला उपखंड जबलपुर से यह गाड़ी मेले में अाती है।

पेयजल सुविधा पाेर्टल: एक साल बाद भी शिकायत नहीं सुलझी

पीएचई विभाग के पेयजल सुविधा पाेर्टल पर की गई शिकायताें का एक साल मंे भी निराकरण नहीं किया हो रहा है। हथवास निवासी मनाेज भटेरे ने गांव में टंकी अाैर लाइन विस्तार की शिकायत 10 नवंबर 2018 काे की। 10 नंवबर 2019 तक निराकरण नहीं किया गया। पीएचई एसडीअाे केजी महेश्वरी ने बताया कि दाे समस्या एक साल पुरानी थी। इनका निराकरण कर दिया है। लेकिन पाेर्टल अपडेट हाेने में समस्या अा रही है, जिसके कारण यह जानकारी पाेर्टल पर नहीं दिखाई दे रही है।



नर्मदा पूजन के साथ बांद्राभान मेला शुरू

हाेशंगाबाद | नर्मदा अाैर तवा नदी के संगम स्थल पर रविवार काे पूजन के साथ बांद्राभान मेले का औपचारिक शुभारंभ हुअा। जपं अध्यक्ष संगीता नरेंद्र साेलंकी, एसडीएम अादित्य रिछारिया, सीईअाे नमिता बघेल ने पूजन कर मेले की विधिवत शुरुअात की। मेले मंे अयाेध्या फैसले का असर देखने काे मिला। पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू नहीं हुए। दो दिन मेले में श्रद्धालु आएंगे और स्नान करेंगे। मुख्य स्नान मंगलवार को होगा।

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