मध्यप्रदेश / किसान तर्क देते रहे, एसडीएम बोले, रेल जीएम को भेजेंगे प्रस्ताव, लॉ एंड ऑर्डर मत बिगाड़ना

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  • नाराज किसान सोनतलाई के पास रेल लाइन का काम 7 दिन से रुका, आज कलेक्टर से मिलेंगे किसान 
  • एक बार फिर जमीन के सीमांकन, अधिग्रहण की फाइल जाएगी जबलपुर 
     

Mar 12, 2019, 01:19 PM IST

इटारसी. सोनतलाई रेलवे स्टेशन के पास इटारसी-जबलपुर रेलखंड पर दोहरी रेल लाइन की साइड फिलिंग का काम 7 दिन से बंद है। जमीन अधिग्रहण के बाद कम मुआवजा मिलने से असंतुष्ट किसान अब ज्यादा मुआवजा अथवा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। 

 

सोमवार को भोपाल मंडल से आए जूनियर इंजीनियर आरके पांडेय कोठा गांव के आठ-दस किसानों को लेकर इटारसी के एसडीओ राजस्व कार्यालय पहुंचे। एसडीओ रेवेन्यू के कक्ष में 15 मिनट तक रेलवे जेई व किसानों ने खड़े हाेकर बात की। बातचीत का यह नतीजा निकला कि किसानों की जमीन का एक बार फिर सीमांकन हो तथा अधिग्रहण की फाइल पश्चिम-मध्य रेलवे के जीएम कार्यालय जबलपुर भेजी जाए। किसानों को एसडीएम हरेंद्र नारायण ने साफ चेता दिया कि अगर किसी ने लॉ एंड आर्डर बिगाड़ा तो प्रशासन कोई सुनवाई नहीं करेगा। 

 

  • सीएम हेल्पलाइन में आपत्ति लगाई थी 

 

किसान रजत सुरेंद्र मालवीय ने कहा सीएम हेल्पलाइन में आपत्ति लगाई थी। तब तत्कालीन एसडीएम ने काॅल कर कहा था आप रुपए ले लीजिए। नहीं तो पैसा वापस चला जाएगा। एसडीओ रेवेन्यू बोले, तुम्हें 8 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से पैसा मिला, तुम 23 लाख के हिसाब से मांग रहे हो। अधिकारी की जेब से कुछ जा नहीं रहा। जमीन का अधिग्रहण हुआ है तो उसके अधिकतम रेट देखेंगे। आपका प्रस्ताव फारवर्ड कर देंगे। अगर छतरपुर तरफ अधिग्रहण के एवज में नौकरी मिली तो आप दूसरी एप्लीकेशन दीजिए।

 

  • अफसर करते रहे बात, मुआवजा बढ़ाने पर अड़े रहे किसान 

 

एसडीएम हरेंद्र नारायण ने ज्यादा मुआवजा मांगने आए किसानों को समझाया गाइड लाइन से जमीन तो महंगी बिकती है। सही सेल डीड की होती तो ज्यादा मुआवजा मिलता। किसान बोले, हमने तो जमीन बेची नहीं और खरीदी नहीं। सूचना के अधिकार में हम जमीन अधिग्रहण के अनुबंध के कागज निकलवा लें और उसमें कम मुआवजे की सहमति पर हमारे दस्तखत न हों तो हमारी सुनवाई होगी। एसडीएम ने कहा, फिर तो हाईकोर्ट से आप जीत ही जाओगे। आप कोई भी कानूनी कदम उठाने के लिए स्वतंत्र हो। अगर आप मुआवजा राशि से संतुष्टि नहीं है तो हाईकोर्ट जाइए। स्टे लेकर आइए। स्टे देखकर मैं आपके साथ खड़ा हो जाऊंगा, इनको (रेलवे) को काम नहीं करने दूंगा। 

 

  • एक बार सीमांकन करवा दीजिए...

 

सर, एक बार अधिग्रहित की गई जमीन और नपवा दीजिए। एसडीएम ने रेलवे जेई से पूछा क्यों यहां की जमीन नापी नहीं थी क्या। रेल जेई ने कहा नपवाई तो थी पर ये संतुष्ट नहीं हैं। कितने किसानों की जमीन की नपाई कराएंगे। जेई ने कहा कहा ज्यादा किसान नहीं हैं। सात-आठ ही होंगे। तब एसडीएम ने कहा मैं आज ही तहसीलदार को बोल देता हूं। जमीन का तो पूरा रिकार्ड होगा। उस समय अखबार में अधिसूचना निकली होगी। अगर जमीन ज्यादा गई होगी तो सीमांकन से वापस मिल जाएगी। जेई बोले, रेलवे को अगर और जमीन की जरूरत होगी तो अलग से अधिग्रहण प्रक्रिया होगी। 

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