बैतूल के पास मरामझिरी में पटरी के हुए दो टुकड़े, मालगाड़ी के तीन इंजन हुए बेपटरी, तीन ट्रेनें प्रभावित

4 वर्ष पहले
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बैतूल। बैतूल-घोड़ाडोंगरी सेक्शन के बीच मरामझिरी रेलवे स्टेशन पर सोमवार दोपहर में पटरी टूटने से मालगाड़ी के तीन इंजन नीचे उतर गए। इंजन के पटरी से उतरने के कारण इटारसी की ओर जाने वाली तीन ट्रेनें प्रभावित हुईं। हादसा मरामझिरी स्टेशन की सेकंड अप ट्रैक की लूप लाइन पर हुआ। लूप लाइन पर हादसा होने के कारण यातायात अधिक प्रभावित नहीं हुआ। वहीं किसी यात्री ट्रेन के नहीं होने से बड़ा हादसा होने से बच गया। इंजन को ट्रैक पर लाने के लिए एफएमडी की टीम इटारसी से मरामझिरी पहुंची। 

 

बैतूल से घोड़ाडोंगरी की ओर जा रही कोयले से भारी मालगाड़ी के तीन इंजन पटरी से उतर गए। दुर्घटना सेकंड लूप लाइन पर होने से मेन लाइन से ट्रेनों का संचालन होता रहा। दुर्घटना के बाद जब कर्मचारी पहुंचे तो पटरी दो टुकड़े में मिली। अगर इससे इंजन ट्रैक पर पलट जाता तो यातायात प्रभावित हो सकता था। सूचना मिलने पर इटारसी, आमला से एफएमडी टीम और घोड़ाडोंगरी से टीआरडी विभाग की टीम मौके पहुंची। टीम ने इंजन को पटरी पर लाए। वहीं घोड़ाडोंगरी टीआरडी टीम ने क्षतिग्रस्त हुई ओएचई केबल का सुधार कार्य किया। 

 

ट्रेन हादसा प्रभावित हुईं ट्रेनें: मरामझिरी और धाराखोह के बीच घाट सेक्शन होने के कारण भरी हुई मालगाड़ी में घाट उतारने के लिए आगे बैंकर (इंजन) लगाए जाते हैं। इसलिए इस कोयले से भारी मालगाड़ी में इंजन के आगे दो इंजन बैंकर लगाए गए थे। मरामझिरी में इंजन के बेपटरी होने से एक इंजन का बैटरी बाक्स टूट गया। वहीं हादसे के कारण ओएचई केबल क्षतिग्रस्त हुए है। वहीं पटरी भी उखड़ गई। पटरी के दो टुकड़े हो गए। 

1 घंटे 45 मिनट बैतूल में खड़ी रही जयपुर एक्सप्रेस : हादसे के बाद चेन्नई-जयपुर एक्सप्रेस एवं चेन्नई-नई दिल्ली जीटी एक्सप्रेस को बैतूल स्टेशन पर राेका गया। चेन्नई-जयपुर एक्सप्रेस दोपहर 2.50 बजे बैतूल पहुंची। हादसे के कारण शाम 4.35 बजे ट्रेन रवाना हुई। वहीं जीटी एक्सप्रेस भी 20 मिनट और रायगढ़- निजामुद्दीन गोड़वाना एक्स. बैतूल में शाम 7.15 बजे से 1 घंटे खड़ी रही। 

 

इंजन और तीन वेगन छोड़कर मालगाड़ी को वापस लाए बैतूल : हादसे के बाद इंजन और 3 वेगन को मालगाड़ी से अलग किया। इंजन और मालगाड़ी की 3 वेगन को छोड़कर बाकि को वापस बैतूल लाए। आमला और इटारसी एमएफडी टीम ने इंजन को पटरी पर लाए। इसके बाद क्षतिग्रस्त पटरी का सुधार कार्य शुरू किया। हादसा कैसे हुआ रेलवे इसकी जांच कर रही है। 

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