इटारसी / पहले बच्चाें काे प्रेम दें, फिर अनुशासन; 16 साल का होने तक करें चरित्र निर्माण, फिर उनके मित्र बन जाएं : रमेश भाई ओझा

X

  • इटारसी में भागवत सुना रहे कथा वाचक ने परीक्षा के दौर में माता-पिता को दिए बच्चों का जीवन संवारने के मंत्र 

Feb 26, 2019, 05:02 PM IST

भोपाल. डाॅक्टर बनना चाहता था पर नहीं बन पाया। स्टूडेंट्स भी याद रखें-किसी कक्षा की परीक्षा से ज्यादा जरूरी है जिंदगी की परीक्षा में पास हाेना। याद रखें लर्न विद फन। पढ़ाई करें लेकिन आनंद के साथ।

 

परिणाम कम ज्यादा हाे सकता है लेकिन यह जीवन का निर्णायक नहीं है। मैं भी डाॅक्टर बनना चाहता था पर आर्थिक परिस्थितियां आड़े आईं। मेरे संस्काराें ने मुझे इतना कमजाेर नहीं बनाया था कि जीवन काे वहीं राेक देता।

 

बचपन में मिले दादी के संस्कारों ने धर्म से जोड़ा 

दादी के संस्काराें ने बचपन में ही धर्म से जाेड़ा। चाचा भागवत कथावाचक थे उन्हाेंने संस्कृत पाठशाला में दाखिला दिलाया। बीकाॅम किया लेकिन रुचि का विषय नहीं था ताे संस्काराें ने धर्म की दिशा में माेड़ दिया। 13 साल की उम्र में गंगाेत्री में पहली भागवत की और आज परिणाम सबके सामने हैं। यह बात उन विद्यार्थियों के लिए है परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

 

यह मूलमंत्र : सफलता के लिए संस्कार जरूरी हैं और संस्कार का अर्थ है नेशन फर्स्ट 

 

  • अभिभावकाें के लिए: संतान आपकी संपत्ति है। अपने समय का इनवेस्ट संतान पर करें। बचपन से युवा होने तक हर कदम पर उन्हें समझें साथ दें। कोई प्रेशर न दें। 
  • शिक्षकाें के लिए: ऐसी शिक्षा दें कि छात्र स्कूल मन से आए। शिक्षा प्रणाली बदलने की जरूरत है। धर्म की बातें शामिल करें। स्टूडेंट्स को साहित्य और आध्यात्म से जाेड़ें। 
  • स्टूडेंट्स के लिए: धर्म से जुड़ने का अर्थ पिछड़ना नहीं है। ऐसा हाेता ताे मैं हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती एक समान नहीं बाेल पाता। सीखना स्टूडेंट का धर्म है। 

 

बातचीत के अंश 


Q. पढ़ाई करने के दौरान समय मन भटकता है ? 
- मन प्रकृति से जुड़ा है। पढ़ते समय जब मन भटकने लगे ताे दूसरे विषय काे पढ़ें कुछ समय में मन फिर स्थित हाेगा। 

 

Q. पढ़ाई करने के दौरान समय मन भटकता है ? 
- मन प्रकृति से जुड़ा है। पढ़ते समय जब मन भटकने लगे ताे दूसरे विषय काे पढ़ें कुछ समय में मन फिर स्थित हाेगा। 

 

Q. कम अंक आने पर स्टूडेंट्स को गलत कदम उठाने से कैसे राेका जा सकता है ? 
- स्टूडेंट्स काे समझना होगा जिंदगी और परिवार सबसे कीमती है। हार काे भूल उससे सीखें और नई दिशा में बढ़ें। 

 

Q. पुलवामा अटैक पर संत का सरकार काे क्या सुझाव है? 
- शेर की बलि नहीं हाेती, बल्कि शक्ति शेर पर सवार करती है। उचित समय पर उचित निर्णय लेना जरूरी है। 

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना